Skip to content
Wednesday, June 3, 2026 | LIVE TV
LIVE TV
BREAKING
विद्यार्थियों को नशों से दूर रहने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए किया जागरूक 25 जून से शुरू हो चुकी है मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया चुनाव तहसीलदार सरकारी अस्पतालों पर गंभीर आरोप इलाज में लापरवाही से युवक की आंख की रोशनी गई, जांच पर भी उठे सवाल SIR पर चंडीगढ़ में कांग्रेस की बड़ी बैठक, मनीष तिवारी के साथ HS लकी भी डटे पंजाब में बीजेपी सरकार बनाने का दावा, गैंगस्टरवाद पर सख्त कार्रवाई का ऐलान तरुण चुग मोहाली में पंचायत जमीन पर अवैध कब्जे का मामला गरमाया, 2021 से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं विदेशी गैंगस्टरों का मॉड्यूल बेनकाब AGTF और पुलिस की कार्रवाई में 4 गिरफ्तार, हथियार बरामद शिकायत निवारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं DC का सख्त संदेश गांव बलौंगी में हज़रत साबिर पाक कलियरी का दूसरा सालाना उर्स 3 मई को मोहाली में Livasa Hospitals का एडवांस्ड रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सेंटर शुरू, मंत्री संजीव अरोड़ा ने किया उद्घाटन

जेजू द्वीप की यात्रा पर भारतीयों के लिए खतरे की घंटी! वीजा नियमों और हिरासत विवाद ने बढ़ाई चिंता

admin
1 min read
Listen to News
Click play to hear this story
jeju island south korea

दक्षिण कोरिया का लोकप्रिय पर्यटन स्थल जेजू द्वीप इन दिनों भारतीय यात्रियों के लिए चर्चा का केंद्र बन गया है। हाल ही में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सचिन अवस्थी को जेजू में हिरासत में लिया गया, जिसके बाद भारतीय पर्यटकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की गई है। यह घटना वीजा संबंधी नियमों और स्थानीय शर्तों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

जेजू द्वीप आमतौर पर दक्षिण कोरिया के अन्य हिस्सों की तुलना में वीजा प्रक्रिया में छूट देता है। लेकिन भारतीय नागरिकों के लिए यह छूट पूरी तरह से लागू नहीं होती, जिससे कई पर्यटक वहां पहुंचकर मुश्किल में फंस जाते हैं। सचिन अवस्थी के मामले ने इस समस्या को उजागर किया, जब उन्हें वीजा शर्तों के उल्लंघन के आरोप में रातभर हिरासत में रखा गया।

भारतीय दूतावास और कोरियाई अधिकारियों ने इस घटना के बाद तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भारतीय यात्रियों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जेजू द्वीप जाने से पहले सभी जरूरी वीजा और दस्तावेज जांच लें। यदि वीजा या अन्य जरूरी कागजात पूरे नहीं हैं, तो प्रवेश पर रोक लग सकती है या हिरासत में लिया जा सकता है।

पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि जेजू द्वीप पर कई ऐसे स्थानीय नियम हैं, जिनके बारे में भारतीय पर्यटकों को जानकारी नहीं होती। यहां ठहरने और घूमने के लिए अलग-अलग शर्तें लागू हैं, जिनका पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। कई बार यात्रियों को भाषा संबंधी दिक्कतों और नियमों की अस्पष्टता के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है।

भारत सरकार ने इस संबंध में यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नई एडवाइजरी में कहा गया है कि जेजू द्वीप की यात्रा से पहले दक्षिण कोरिया के वीजा नियमों की पूरी जानकारी लें और किसी भी भ्रम या अनिश्चितता की स्थिति में दूतावास से संपर्क करें।

हाल के विवाद के बाद जेजू द्वीप पर भारतीय पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर बहस तेज हो गई है। पर्यटन उद्योग के जानकार मानते हैं कि इस घटना के बाद भारतीयों के लिए दक्षिण कोरिया की यात्रा योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

आखिरकार, जेजू द्वीप की सुंदरता और आकर्षण के बावजूद भारतीय यात्रियों के लिए वहां की यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। सुरक्षा और दस्तावेजों की जांच के साथ ही, स्थानीय नियमों की पूरी जानकारी रखना जरूरी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News

Related Stories

Stay Informed. Subscribe Now.

Get breaking news and top stories delivered straight to your inbox. No spam, unsubscribe anytime.