भारत, 23 अक्टूबर 2026: केंद्र सरकार राज्यों के भीतर नवीकरणीय ऊर्जा के प्रसारण नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से एक नई योजना पर काम कर रही है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इस पहल का मकसद बिजली ग्रिड को बेहतर बनाना है ताकि सौर और पवन ऊर्जा जैसे स्रोतों से बनने वाली बिजली को उत्पादन केंद्रों से जरूरत वाले क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
ट्रांसमिशन नेटवर्क क्यों जरूरी है?
सौर और पवन ऊर्जा का उत्पादन मौसम और समय के अनुसार बदल सकता है। कई बार बिजली उत्पादन वाले इलाके और खपत वाले शहर अलग-अलग स्थानों पर होते हैं। पर्याप्त ट्रांसमिशन लाइनें और ग्रिड क्षमता न होने पर उपलब्ध नवीकरणीय बिजली का पूरा उपयोग करना मुश्किल हो सकता है। मजबूत नेटवर्क बिजली की आवाजाही, ग्रिड संतुलन और ऊर्जा आपूर्ति की विश्वसनीयता में मदद कर सकता है।
राज्यों के लिए संभावित महत्व
बेहतर ट्रांसमिशन से राज्यों को नए नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट जोड़ने, बिजली की भीड़भाड़ कम करने और स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किसी योजना का वास्तविक असर उसके वित्तपोषण, परियोजना चयन, जमीन और अनुमति संबंधी प्रक्रियाओं तथा निर्माण की गति पर निर्भर करेगा।
रिपोर्ट में योजना का उद्देश्य बताया गया है; विस्तृत पात्रता, बजट, समय-सीमा और कार्यान्वयन के नियमों के लिए संबंधित मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी है।
स्रोत
Business Standard: New scheme to improve renewable energy transmission।
