अक्षय तृतीया का पर्व हर साल देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदी गई चीजों में कभी कमी नहीं आती और घर में समृद्धि बनी रहती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित है। पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि इसी तिथि को सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी। इसलिए अक्षय तृतीया को बेहद शुभ और फलदायक माना जाता है।
लोग इस मौके पर सोने-चांदी के गहनों से लेकर बर्तन, वाहन और संपत्ति तक खरीदते हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस दिन खरीददारी से सुख-समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है। यही वजह है कि बाजारों में इस दिन खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ती है।
आने वाले साल 2026 में अक्षय तृतीया का महत्व और बढ़ने वाला है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, करीब 100 साल बाद इस बार 'अक्षय योग' का विशेष संयोग बन रहा है। इस शुभ योग में की गई खरीदारी से धन-संपत्ति में कई गुना वृद्धि हो सकती है। विशेष रूप से कुछ राशियों के लिए यह दिन बेहद लाभकारी बताया गया है।
हालांकि, पंडितों की सलाह है कि इस दिन कुछ चीजें खरीदने से बचना चाहिए। उदाहरण के लिए, लोहे, प्लास्टिक या कर्ज से जुड़ी वस्तुएं खरीदना अशुभ माना गया है। इससे घर में दरिद्रता और आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं।
अक्षय तृतीया पर खरीदारी के साथ-साथ दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। लोग जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन दान करके पुण्य अर्जित करते हैं। धार्मिक दृष्टि से यह दिन शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है, इसलिए शादी, गृह प्रवेश और नए कारोबार की शुरुआत के लिए भी इसे उत्तम समय समझा जाता है।
इस पर्व को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है। सोशल मीडिया और गूगल पर 'अक्षय तृतीया' से जुड़ी जानकारियों की खोज तेजी से बढ़ी है। इस शुभ अवसर पर बाजारों में रौनक लौट आई है और सभी अपने-अपने तरीके से समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
