अमेरिका की इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड ने हाल ही में एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, अमेरिका के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा बन चुका है। गबार्ड के इस बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है।
तुलसी गबार्ड ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का भविष्य पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान और चीन, दोनों ही अमेरिका की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियां पेश करते हैं। गबार्ड के अनुसार, पाकिस्तान के अंदर राजनीतिक अस्थिरता और आतंकवादी गतिविधियों के कारण खतरा और बढ़ गया है।
गबार्ड ने अपने बयान में यह भी कहा कि पाकिस्तान की परमाणु तकनीक यदि चरमपंथी ताकतों के हाथ लग गई, तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका को सचेत किया कि पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ती नजदीकी भी सुरक्षा के लिहाज से चिंता का कारण है।
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां इस मुद्दे को लेकर लगातार सतर्क हैं। गबार्ड ने सुझाव दिया कि अमेरिका को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर पैनी नजर रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर इस खतरे का सामना करना होगा।
तुलसी गबार्ड के इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में भी बहस तेज हो गई है। ट्रंप समर्थकों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में और तनाव आ सकता है।
गौरतलब है कि तुलसी गबार्ड अमेरिकी राजनीति में एक प्रभावशाली नाम हैं। वह न सिर्फ सुरक्षा मामलों की विशेषज्ञ मानी जाती हैं, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी है। उनके हालिया बयान ने दुनिया भर में परमाणु सुरक्षा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
कुल मिलाकर, तुलसी गबार्ड के इस खुलासे ने पाकिस्तान और चीन के परमाणु इरादों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि अमेरिका इस खतरे से निपटने के लिए कौन से कदम उठाता है।
