ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को गहराई से प्रभावित किया है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक घेराबंदी तेज कर दी, जिससे 36 घंटे के भीतर समुद्री व्यापार लगभग ठप हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से ईरान की 90% अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है।
इस बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर एक टैंकर कांडला बंदरगाह सुरक्षित पहुंचा है। इससे घरेलू गैस आपूर्ति को लेकर भारतीय नागरिकों को फिलहाल किसी तरह की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार ने भी भरोसा दिलाया है कि एलपीजी सप्लाई पर कोई असर नहीं होगा।
इधर, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के संकेत भी मिले हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगले दो दिनों में ईरान से वार्ता संभव हो सकती है। उधर, पाकिस्तान में सेना प्रमुख आसिम मुनीर की भूमिका की भी तारीफ हुई, जिससे क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल देखने को मिल रही है।
इजराइल, अमेरिका और ईरान के तनावपूर्ण रिश्तों के चलते पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस संघर्ष का असर केवल तेल और गैस सप्लाई तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार और निवेश पर भी पड़ रहा है।
भारत सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है और जरूरी कदम उठा रही है ताकि घरेलू बाजार में ऊर्जा की कीमतें न बढ़ें। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल-गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल, भारत में एलपीजी की सप्लाई सुरक्षित है और आम जनता को चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन पश्चिम एशिया के हालात जल्द सुधरें, इसकी उम्मीद सभी को है। PTN इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और आगे की जानकारी आपको सबसे पहले उपलब्ध कराएगा।
