जनगणना 2027 के लिए देश में तैयारियां जोरों पर हैं। अब तक 12 लाख से अधिक परिवारों ने 'स्व-गणना' प्रक्रिया के तहत अपनी जानकारी दर्ज की है। यह पहल डिजिटल माध्यम से जनगणना को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आगामी चरण में आठ राज्यों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत हर घर का विस्तृत डेटा एकत्र किया जाएगा, जिससे सरकार को योजनाओं के निर्माण में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह चरण जल्द ही आरंभ होने जा रहा है और इसके लिए विशेष दलों का गठन भी किया गया है।
दिल्ली में भी 16 अप्रैल से जनगणना का पहला चरण शुरू होने जा रहा है। इस दौरान शहर के सभी घरों और इमारतों का ब्योरा एकत्र किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यह चरण बुनियादी ढांचे और निवासियों की गणना के लिए बेहद अहम है।
जनगणना को सफल बनाने के लिए देशभर में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षकों को नए डिजिटल टूल्स और सर्वेक्षण के आधुनिक तरीकों से अवगत कराया जा रहा है। इससे आंकड़ों की सटीकता और प्रक्रिया की गति दोनों में सुधार होगा।
सरकार का मानना है कि इस बार की जनगणना तकनीकी रूप से काफी उन्नत होगी। नागरिकों को भी स्व-गणना के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनका डेटा सीधे सिस्टम में दर्ज हो सके। इससे पारदर्शिता के साथ-साथ समय की भी बचत होगी।
जनगणना के ये आंकड़े देश के विकास कार्यों, नीतियों के निर्धारण और संसाधनों के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकारी अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण के दौरान पूरी जानकारी सटीक रूप से साझा करें, ताकि देश की तस्वीर स्पष्ट और सटीक रूप से सामने आ सके।
