टेस्ला के शेयरों ने हाल ही में निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। एक तरफ जहां कंपनी के शेयरों में अचानक उछाल देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर यूके में टेस्ला की बिक्री में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार खुलते ही टेस्ला के शेयरों में 3.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया। यूके में कंपनी की बिक्री में 57 फीसदी की गिरावट आने के बाद यह गिरावट देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में कमी के चलते यह स्थिति पैदा हुई है।
हालांकि, इसी दौरान एक बड़ा सकारात्मक संकेत भी देखने को मिला। कंपनी के सीईओ एलॉन मस्क ने 1 अरब डॉलर के टेस्ला शेयर खरीदे, जिससे शेयरों में 7 प्रतिशत तक का उछाल आया। मस्क की इस खरीदारी को निवेशकों ने कंपनी में विश्वास के तौर पर देखा है।
टेस्ला के शेयरों में आए इस उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय निवेशकों के मन में भी सवाल उठ रहा है कि क्या वे ऐसी ग्लोबल कंपनियों के शेयर खरीद सकते हैं। जानकारों के मुताबिक, अब भारतीय निवेशक भी एनविडिया, एप्पल और टेस्ला जैसी विदेशी कंपनियों के शेयर आसानी से खरीद सकते हैं। हालांकि, एक शेयर की कीमत डॉलर में होती है और भारत में निवेशकों को अतिरिक्त शुल्क और टैक्स भी चुकाने पड़ सकते हैं।
टेस्ला के शेयरों में तेजी या गिरावट, दोनों ही स्थितियों में बाजार में उत्सुकता बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी के भविष्य की दिशा बाजार की मांग, वैश्विक आर्थिक स्थिति और इनोवेशन पर निर्भर करेगी। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सोच-समझकर और सलाह लेकर ही इस तरह के शेयरों में निवेश करें।
फिलहाल टेस्ला के शेयरों को लेकर बाजार में मिश्रित भावनाएं हैं। एक ओर एलॉन मस्क की खरीदारी से निवेशकों में भरोसा बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर बिक्री में गिरावट ने चिंता भी बढ़ाई है। आने वाले दिनों में कंपनी की रणनीति और वैश्विक बाजार की स्थिति पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
