देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है। आम लोगों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, क्योंकि रोजमर्रा के खर्च पहले से ही बढ़े हुए हैं। राजस्थान समेत कई राज्यों में तेल कंपनियों ने नए दाम लागू कर दिए हैं।
राजस्थान में एक प्रमुख कंपनी ने पेट्रोल और डीजल की दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के 900 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर नई कीमतें लागू हो चुकी हैं। इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत ₹5.30 प्रति लीटर तक बढ़ गई है, वहीं डीजल के दाम में भी ₹3 प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।
तेल की बढ़ती कीमतों के बीच एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई में भी समस्या देखी जा रही है, जिससे आम जनता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ना उनकी मुश्किलें और बढ़ा रहा है।
अगर दिल्ली की बात करें तो यहां पेट्रोल का ताजा दाम ₹94.77 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत ₹103.54 प्रति लीटर दर्ज की गई है, जो देश के अन्य महानगरों की तुलना में सबसे ज्यादा है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत ₹104.25 प्रति लीटर और चेन्नई में ₹100.75 प्रति लीटर है।
तेल कंपनियों का कहना है कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी और डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ने के चलते दामों में इजाफा हुआ है। हालांकि, आम उपभोक्ता सरकार से राहत की उम्मीद कर रहा है। लोगों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में जल्द कटौती की जानी चाहिए, ताकि महंगाई पर काबू पाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल के दाम स्थिर न रहने की वजह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपने शहर के ताजा रेट की जानकारी नजदीकी पेट्रोल पंप या सरकारी वेबसाइट से समय-समय पर लेते रहें।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब देखना होगा कि सरकार और तेल कंपनियां आम जनता को कब तक राहत दे पाती हैं। फिलहाल महंगाई की मार झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए ये बढ़ोतरी किसी चुनौती से कम नहीं है।
