पटना हाई कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब बिना पास किसी भी वकील को कोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से सभी आने-जाने वालों की सघन जांच की जाएगी।
कोर्ट प्रशासन ने हाल ही में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया है। परिसर में प्रवेश के लिए पास अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे अराजक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। वकीलों समेत अन्य व्यक्तियों को भी जांच के बाद ही अंदर जाने की अनुमति मिलेगी।
इस बदलाव से वकीलों को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह कदम सभी के हित में है। हाई कोर्ट की सुरक्षा में लगे जवानों की संख्या भी बढ़ाई गई है और प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। कोर्ट परिसर में CCTV कैमरों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
हाल ही में पटना हाई कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई हुई है। एक चर्चित केस में NET परीक्षा उत्तीर्ण न करने पर सेवा समाप्ति के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार ही नियुक्ति और सेवा का निर्णय लिया जाएगा।
बिहार की राजनीति से जुड़े मामलों में भी पटना हाई कोर्ट लगातार सुर्खियों में रहा है। बाहुबली नेताओं की रिहाई और राजनीतिक प्रदर्शनों को लेकर कोर्ट ने समय-समय पर निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री के पुतले पर प्रदर्शन की खबर भी चर्चा में रही।
पटना हाई कोर्ट के सख्त सुरक्षा इंतजामों से आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी। कोर्ट प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। यह फैसला आने वाले दिनों में कोर्ट परिसर की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
पटना हाई कोर्ट की नई व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे कोर्ट में होने वाले कार्यों में व्यवधान कम होगा और सभी पक्षों को न्याय दिलाने में आसानी होगी।
