भारतीय शतरंज की दिग्गज ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आगामी साइप्रस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी को लेकर सुरक्षा कारणों के चलते असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, हंपी ने टूर्नामेंट आयोजकों के सामने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। साइप्रस में हाल ही में बढ़ी सुरक्षा चुनौतियों के कारण कई खिलाड़ियों ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है। आयोजकों द्वारा इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कोनेरू हंपी भारतीय शतरंज में एक बड़ा नाम हैं। हाल ही में उन्होंने फाइडें विमेन वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, जबकि उनकी साथी खिलाड़ी आर. वैशाली को सेमीफाइनल की दौड़ में हार का सामना करना पड़ा।
पिछले वर्ष वर्ल्ड रैपिड चेस चैंपियनशिप 2025 का खिताब भी हंपी के हाथों से फिसल गया था, जिससे उनके प्रशंसकों में निराशा देखी गई थी। इसके बावजूद, हंपी ने भारतीय शतरंज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और वे युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या हंपी साइप्रस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी या सुरक्षा कारणों से पीछे हट जाएंगी। भारतीय शतरंज महासंघ भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हंपी के फैसले का समर्थन करने की बात कही है।
फिलहाल आयोजकों और खिलाड़ियों के बीच बातचीत जारी है। कोनेरू हंपी के अंतिम निर्णय का पूरे शतरंज जगत को बेसब्री से इंतजार है। यदि वे टूर्नामेंट से बाहर होती हैं, तो यह न केवल भारतीय प्रशंसकों बल्कि अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रेमियों के लिए भी बड़ा झटका होगा।
हंपी के इस फैसले से यह स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। आने वाले दिनों में साइप्रस टूर्नामेंट की स्थिति और हंपी के रुख पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।
