टेक्नोलॉजी जगत के चर्चित नाम जैक डॉर्सी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ट्विटर के को-फाउंडर और ब्लॉक इंक के सीईओ डॉर्सी को हाल ही में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी फिनटेक कंपनी ब्लॉक इंक पर अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, हिंडनबर्ग ने ब्लॉक इंक पर फर्जीवाड़े और पारदर्शिता की कमी के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के सामने आने के बाद जैक डॉर्सी की कुल संपत्ति में करीब 4 हजार करोड़ रुपए की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी के शेयरों में भी बड़ा नुकसान देखने को मिला है।
इस बीच, ब्लॉक इंक ने लागत कम करने के लिए 1,100 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा कर दी है। बताया जा रहा है कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल और आर्थिक दबाव के चलते यह बड़ा कदम उठा रही है। डॉर्सी ने खुद माना कि भविष्य में एआई के कारण कई पारंपरिक नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।
ब्लॉक इंक की इस छंटनी से हजारों परिवारों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ा है। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि यह फैसला मजबूरी में लिया गया है ताकि आर्थिक स्थिरता बनी रहे। वहीं, कर्मचारियों ने अचानक हुए इस फैसले पर नाराजगी भी जताई है।
गौरतलब है कि जैक डॉर्सी ने ट्विटर को खड़ा कर सोशल मीडिया में बड़ा नाम कमाया था, लेकिन अब वे ब्लॉक इंक के जरिए फिनटेक सेक्टर में अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश में हैं। पर लगातार उठ रहे सवालों और आरोपों ने उनकी साख को झटका दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ब्लॉक इंक पर लगे आरोप सही साबित होते हैं तो कंपनी और जैक डॉर्सी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल में जुटी हैं और निवेशक भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जैक डॉर्सी इन चुनौतियों से कैसे निपटते हैं और ब्लॉक इंक को दोबारा पटरी पर लाने के लिए कौन से कदम उठाते हैं।
