ईरान की मुद्रा रियाल इन दिनों भारी गिरावट का सामना कर रही है। हालात ऐसे हैं कि 1 करोड़ रियाल की कीमत भारतीय रुपये में महज 713 रुपये रह गई है। यह गिरावट दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गई है और सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर कई मीम्स वायरल हो रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान की अर्थव्यवस्था पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का गहरा असर उसकी मुद्रा पर पड़ा है। वहां की सरकार तेल निर्यात पर निर्भर है, लेकिन हाल के वर्षों में अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिबंधों के चलते ईरान को आर्थिक मोर्चे पर तगड़ा झटका लगा है। इसी कारण रियाल की वैल्यू लगातार गिरती जा रही है।
स्थानीय बाजारों में भी रियाल की कीमत में आई गिरावट से लोग परेशान हैं। बताया जाता है कि एक व्यक्ति जब 1 करोड़ रियाल लेकर राशन खरीदने बाजार गया, तो वह अपने थैले को भी भर नहीं सका। इससे साफ है कि करेंसी का मूल्य इतना कम हो गया है कि रोजमर्रा की खरीददारी भी महंगी पड़ रही है।
ईरान के आम नागरिकों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। एक वक्त था जब रियाल की अच्छी खासी वैल्यू थी, लेकिन अब इसका मूल्य इतना गिर चुका है कि लोग मजाक में इसे 'रद्दी' बता रहे हैं। कई लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि अगर वे ईरान का 1 करोड़ रियाल का नोट भारत में लाएं तो उसकी कीमत एक बढ़िया डिनर से भी कम होगी।
आर्थिक जानकार मानते हैं कि ईरान की सरकार को मुद्रा संकट से निपटने के लिए कड़े फैसले लेने होंगे। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के बीच सरकार के लिए लोगों की जरूरतें पूरी करना चुनौती बन गया है। अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान की मुद्रा की गिरावट चिंता का विषय बन चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भविष्य में ईरान और विश्व शक्तियों के बीच रिश्ते सुधरते हैं और प्रतिबंध हटते हैं, तो ही रियाल की स्थिति में सुधार आ सकता है। तब तक ईरान के नागरिकों को इस आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।
