असम के प्रसिद्ध फुटबॉलर गिलबर्टसन संगमा, जिन्हें ‘गोल्डन बूट’ के नाम से जाना जाता था, का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से असम और भारतीय फुटबॉल समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।
गिलबर्टसन संगमा अपने शानदार खेल और गोल्डन बूट अवॉर्ड के लिए खास पहचान रखते थे। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण मैचों में असम की टीम का नेतृत्व किया और युवाओं को फुटबॉल के प्रति प्रेरित किया।
पूर्व फुटबॉलर संगमा न केवल खेल जगत में बल्कि असम पुलिस में भी अपनी सेवा के लिए सम्मानित थे। उनकी उपलब्धियों ने राज्य के खेल इतिहास में एक अनूठी छाप छोड़ी है। स्थानीय मीडिया और खेल संस्थाओं ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
असम के खेल प्रेमियों और संगमा के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। कई लोगों ने उन्हें असम फुटबॉल का सितारा बताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई है। संगमा के निधन से राज्य में फुटबॉल के क्षेत्र में एक बड़ा खालीपन महसूस किया जा रहा है।
उनके जीवन की यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है। संगमा ने अपने खेल के माध्यम से असम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और कई पुरस्कारों से नवाजे गए। उनकी मेहनत और समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।
फुटबॉल क्लबों और राज्य सरकार की ओर से संगमा के सम्मान में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अंतिम संस्कार में खेल जगत की कई हस्तियां और स्थानीय लोग शामिल हुए। गिलबर्टसन संगमा के योगदान को असम हमेशा याद रखेगा और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लेगा।
असम के मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने भी संगमा के निधन पर शोक जताते हुए उनके परिवार को सांत्वना दी है। संगमा की यादें और उनके द्वारा छोड़ी गई विरासत आने वाली पीढ़ियों को खेल के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देती रहेंगी।
