देशभर में रमजान के पाक महीने का आखिरी दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। चांद नहीं दिखने के कारण अब ईद-उल-फित्र शनिवार को पूरे उत्साह के साथ मनाई जाएगी। मुस्लिम समाज ने रमजान के अंतिम जुमा पर विशेष नमाज अदा की और बाजारों में खरीदारी का माहौल जोरों पर रहा।
पवित्र रमजान का महीना हर साल धार्मिक आस्था और रोजे के साथ मनाया जाता है। इस महीने में रोजेदार सुबह से शाम तक उपवास रखते हैं और इबादत में समय बिताते हैं। शुक्रवार को रमजान का आखिरी दिन होने के कारण मस्जिदों में नमाज-ए-अलविदा अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
विभिन्न शहरों में बाजारों में रौनक देखी गई, जहां लोग ईद के त्योहार के लिए कपड़े, मिठाइयां और अन्य सामान खरीदते नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में ईद की तैयारियों को लेकर खासा उत्साह देखा गया। दुकानों पर भीड़ उमड़ पड़ी और बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई।
मौलवियों ने रमजान के महत्व और ईद की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ईद-उल-फित्र न केवल इबादत और रोजे के समापन का प्रतीक है, बल्कि यह गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने का भी संदेश देती है। इस दिन जकात और फितरा देने की परंपरा भी निभाई जाती है।
रमजान के आखिरी जुमे पर कई जगहों पर विशेष दुआएं मांगी गईं। वासेपुर सहित विभिन्न इलाकों में नमाज-ए-अलविदा के बाद लोगों ने देश में अमन और भाईचारे की दुआ की। मस्जिदों के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
ईद की पूर्व संध्या पर घरों में भी तैयारियां जोरों पर हैं। महिलाएं सेवइयां, शीरखुरमा और अन्य पारंपरिक पकवान बनाने में जुटी हैं। परिजनों और दोस्तों के बीच उपहारों के आदान-प्रदान की भी तैयारी चल रही है।
शनिवार को देशभर में ईद का त्योहार पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ मनाया जाएगा। विभिन्न शहरों में ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज के इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की भी अपील की है, ताकि त्योहार सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
