भोपाल में अगले साल 15 जनवरी को सेना दिवस का भव्य आयोजन होगा, जिसमें दिल्ली जैसी शानदार परेड देखने को मिलेगी। यह ऐलान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की महत्वपूर्ण मुलाकात के बाद हुआ है।
सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सेना दिवस समारोह की तैयारियों पर चर्चा की। यह पहली बार है जब राजधानी दिल्ली के बाहर भोपाल में इतनी बड़ी सेना दिवस परेड आयोजित की जाएगी। इस आयोजन से मध्यप्रदेश की राजधानी को राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिलने जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सेना दिवस समारोह के लिए भोपाल पूरी तरह तैयार रहेगा और राज्य सरकार हर संभव सहयोग देगी। इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सेना प्रमुख के सुझावों के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोपाल में सेना दिवस समारोह का आयोजन भारतीय सेना के गौरव और एकता को दर्शाएगा। इससे युवाओं में देशभक्ति की भावना मजबूत होगी और सेना के प्रति सम्मान बढ़ेगा।
सेना दिवस परेड में देशभर की अलग-अलग रेजीमेंट्स हिस्सा लेंगी, जिसमें आधुनिक सैन्य उपकरणों और हथियारों का प्रदर्शन होगा। इसके साथ ही भारतीय सेना की उपलब्धियों और परंपराओं को भी दर्शाया जाएगा। यह समारोह केवल सैन्य शक्ति का ही नहीं, बल्कि भारत की विविधता और एकता का प्रतीक बनेगा।
भोपाल में सेना दिवस परेड होने से स्थानीय नागरिकों में भी उत्साह का माहौल है। शहर के व्यापारियों, विद्यार्थियों और युवाओं ने इस आयोजन का स्वागत किया है। प्रशासन का कहना है कि इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और भोपाल देश के नक्शे पर एक नई पहचान बनाएगा।
आने वाले महीनों में आयोजन की तैयारियों को लेकर और भी बैठकें होंगी, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी शामिल रहेंगे। इस आयोजन के सफल संचालन के लिए सभी विभागों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सेना दिवस का आयोजन भोपाल के लिए एक ऐतिहासिक मौका है, जिससे न केवल सेना का सम्मान बढ़ेगा, बल्कि राज्य का गौरव भी ऊंचा होगा।
