नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नया इतिहास रच दिया है। रामनवमी के पावन अवसर पर उनका राजतिलक समारोह भी आयोजित किया गया, जिससे देशभर में उत्साह की लहर है।
बालेन शाह दुनिया के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने मात्र 32 वर्ष की उम्र में यह पद संभाला है, जिससे वे विश्व के आठवें सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनकी युवा सोच और ऊर्जा को लेकर नेपाल की जनता में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
बालेन शाह अपने स्पष्ट विचारों और बेबाक अंदाज के लिए पहले ही चर्चित रहे हैं। एक समय गुस्से में उन्होंने सिंह दरबार को लेकर तीखा बयान भी दिया था, जिससे वे सुर्खियों में आए थे। अब प्रधानमंत्री बनने के बाद उनसे कड़े फैसलों और बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बालेन शाह को इस नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेंगे और दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे। दोनों देशों के नेतृत्व के बीच सहयोग की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
नेपाल में ‘बालेन युग’ की शुरुआत के साथ ही राजनीतिक विश्लेषक इसे ऐतिहासिक मोड़ मान रहे हैं। बालेन शाह की लोकप्रियता खासकर युवाओं के बीच काफी बढ़ी है। वे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दों को लेकर स्पष्ट एजेंडा लेकर आगे बढ़ने की बात कह चुके हैं।
समारोह के दौरान हजारों समर्थक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। देशभर में जश्न का माहौल देखा गया और सोशल मीडिया पर भी बालेन शाह का नाम ट्रेंड कर रहा है। कई देशों के नेताओं ने भी उन्हें बधाई संदेश भेजे हैं।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बालेन शाह अपने वादों को किस तरह पूरा करते हैं। नेपाल की जनता को उनसे बड़े बदलाव की उम्मीद है, जबकि पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों में भी नई दिशा देखने को मिल सकती है।
