एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयर बाजारों में मंगलवार सुबह भारी उथल-पुथल देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच बेचैनी बढ़ गई। खासतौर पर हांगकांग का Hang Seng Index कारोबार के दौरान काफी अस्थिर नजर आया, जिसका सीधा असर अन्य एशियाई इंडेक्स पर भी देखने को मिला।
Hang Seng Index के साथ-साथ जापान का Nikkei 225 Index भी उतार-चढ़ाव की चपेट में रहा। शुरुआती बढ़त के बाद दोनों इंडेक्स अपनी मजबूती बरकरार नहीं रख पाए और मामूली लाभ के साथ बंद हुए। इस दौरान भारत के प्रमुख शेयर, जैसे RIL और SBI में गिरावट दर्ज की गई, जिसने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी बाजारों में सोमवार को अवकाश के चलते कारोबार सीमित दायरे में रहा। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी साफ नजर आया। वहीं, निवेशकों की नजर इस हफ्ते जारी होने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जनवरी FOMC मीटिंग के मिनट्स और Q4 GDP अनुमान के आंकड़ों पर टिकी है।
इसके अलावा, PCE प्राइस इंडेक्स के आंकड़े भी जारी होने वाले हैं, जो महंगाई के रुझान पर निवेशकों को दिशा देंगे। इन वैश्विक संकेतकों के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि इस समय बाजार में भावनात्मक उतार-चढ़ाव ज्यादा है, जिसके चलते छोटी खबरों का भी बड़ा असर दिख रहा है। एशियाई निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के रुख को लेकर लगातार सतर्क बने हुए हैं।
भारतीय बाजार भी इस वैश्विक हलचल से अछूते नहीं हैं। बुधवार को बाजार खुलने से पहले निवेशकों को ग्लोबल संकेतों पर खास ध्यान देना होगा। बाजार विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक किसी भी बड़े फैसले से पहले ताजा आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखें।
कुल मिलाकर, Hang Seng Index समेत एशियाई शेयर बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है। अमेरिकी बाजारों की चाल, आर्थिक आंकड़े और केंद्रीय बैंकों के फैसले निवेशकों के लिए अहम साबित होंगे।
