अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित केप कैनावेरल में हाल ही में अंतरिक्ष मिशनों को लेकर बड़ी गतिविधियां देखने को मिली हैं। नासा का बहुप्रतीक्षित आर्टेमिस-II मिशन, जो पहला मानवयुक्त चंद्र फ्लाईबाई मिशन है, यहां लॉन्च के लिए तैयार था। लेकिन लॉन्चिंग से पहले तकनीकी दिक्कत आने के कारण इसकी तारीख टाल दी गई है।
आर्टेमिस-II मिशन का प्रक्षेपण अब 6 फरवरी को होना था, पर रॉकेट में आई खराबी के चलते इस मिशन को आगे बढ़ा दिया गया है। नासा के इंजीनियरों ने रॉकेट में तकनीकी समस्या का पता लगाया है, जिससे मिशन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लॉन्च में देरी की गई। अब विशेषज्ञ टीम इस खराबी को दूर करने में जुटी है, ताकि मिशन को सुरक्षित और सफल बनाया जा सके।
इस मिशन के सफल होने पर नासा के अंतरिक्ष यात्री पहली बार चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगे। आर्टेमिस-II को लेकर अंतरिक्ष विज्ञान जगत में काफी उत्साह है, क्योंकि यह मानव इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला है। मिशन की देरी से भले ही उत्साहित लोगों को निराशा हुई हो, लेकिन नासा ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही नई लॉन्च डेट घोषित की जाएगी।
इस बीच, केप कैनावेरल से ही इस्राइल ने अपना नया सैटेलाइट ड्रोर-1 भी सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। ड्रोर-1 प्रक्षेपण के साथ इस्राइल ने अंतरिक्ष विज्ञान में अपनी उपस्थिति और मजबूत कर ली है। यह सैटेलाइट इस्राइल के लिए संचार और डेटा विश्लेषण के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएगा।
आर्टेमिस-II और ड्रोर-1 के लॉन्च के कारण केप कैनावेरल इन दिनों अंतरिक्ष मिशनों का केंद्र बन गया है। यहां पर वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीमें लगातार काम कर रही हैं, जिससे भविष्य के मिशनों को और बेहतर बनाया जा सके।
अंतरिक्ष प्रेमियों और आम जनता की नजरें अब आर्टेमिस-II की नई लॉन्च डेट पर टिकी हैं। नासा द्वारा की जा रही तैयारियों और इस्राइल के सफल प्रक्षेपण के साथ, केप कैनावेरल में अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं।
