Skip to content
Friday, March 20, 2026 | LIVE TV
LIVE TV
BREAKING
कनाडा इमिग्रेशन फ्रॉड दोषी करार गुरप्रीत सिंह ने सरकार पर ही ठोका केस, सजा से पहले मामला स्टे मोहाली के Ivy Hospital पर 45 लाख का जुर्माना, मेडिकल लापरवाही से 19 वर्षीय छात्रा की मौत चंडीगढ़ में सैलून मालिक से 1 करोड़ की फिरौती की मांग, गैंगस्टर बनकर दी धमकी नगर निगम टीम पर हमले के आरोपियों को मिली जमानत चंडीगढ़ में भीषण सड़क हादसा हिमाचल रोडवेज बस से टकराई स्कॉर्पियो, ड्राइवर गंभीर 37 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में SBI के पूर्व क्लर्क पर सख्ती, मोहाली CBI कोर्ट ने जारी किए ओपन डेटेड NBW चंडीगढ़ के सेक्टर-22 में भीषण आग, मची अफरा-तफरी सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर को 8 गोलियां मारकर हत्या, जिम से निकलते ही बदमाशों ने बरसाई गोलियां प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट में टूल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर जोर, उत्पादकता, गुणवत्ता और लागत नियंत्रण पर दिया गया बल निवेश पंजाब सम्मेलन 2026 निजी अस्पताल 20% बेड गरीब मरीजों के लिए आरक्षित करें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह

शतरंज की दुनिया के बादशाह अनातोली कारपोव: जानिए उनके अद्भुत सफर की कहानी

admin
1 min read
Listen to News
Click play to hear this story
anatoly karpov
anatoly karpov

शतरंज के दिग्गज अनातोली कारपोव एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपनी सूझबूझ और रणनीति से पूरी दुनिया को चौंका दिया। रूस के इस ग्रैंडमास्टर ने 1975 में विश्व चैंपियन का ताज पहनकर शतरंज में नया इतिहास रच दिया था। उनका नाम आज भी शतरंज प्रेमियों के बीच बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है।

कारपोव ने अपने करियर में कई बड़े मुकाबलों में जीत दर्ज की। खासकर 1978 में विक्टर कोर्चनॉय के खिलाफ उनकी वर्ल्ड चैंपियनशिप मुकाबला आज भी यादगार है। इस मुकाबले ने उन्हें न सिर्फ खिताब दिलाया, बल्कि शतरंज की दुनिया में उनकी धाक और भी मजबूत कर दी।

वहीं, भारत के ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद के साथ भी कारपोव के मुकाबले हमेशा चर्चा में रहे हैं। जब आनंद को उनके विरोधियों ने कमजोर बताया था, तब उन्होंने कारपोव को हराकर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर सबको चौंका दिया था। इस जीत ने साबित किया कि कारपोव के सामने किसी भी खिलाड़ी के लिए मुकाबला आसान नहीं था।

कारपोव की सबसे बड़ी खासियत थी उनकी बेजोड़ रणनीति और धैर्य। उन्होंने लगभग एक दशक तक शतरंज की दुनिया में राज किया। उनके खेल के तरीकों से आज भी युवा खिलाड़ी प्रेरणा लेते हैं और उनके मुकाबलों का विश्लेषण करते हैं।

इतिहास में 9 नवंबर की तारीख को भी कारपोव के कई उपलब्धियों के लिए याद किया जाता है। इस दिन उनके जीवन से जुड़ी कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक घटनाएं दर्ज हैं, जो आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। कारपोव का योगदान न सिर्फ शतरंज के खेल में, बल्कि वैश्विक स्तर पर खेल संस्कृति के विकास में भी अहम माना जाता है।

आज भी अनातोली कारपोव का नाम शतरंज प्रेमियों के बीच जिंदा है। उनकी उपलब्धियां और संघर्ष की कहानियां हर शतरंज खिलाड़ी के लिए मिसाल हैं। कारपोव ने यह दिखा दिया कि अगर जज्बा और मेहनत हो, तो कोई भी मुश्किल आसान की जा सकती है।

Related Stories

Stay Informed. Subscribe Now.

Get breaking news and top stories delivered straight to your inbox. No spam, unsubscribe anytime.