Skip to content
Wednesday, April 15, 2026 | LIVE TV
LIVE TV
BREAKING
पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर सख्त कानून की तैयारी, शिवसेना पंजाब ने जताया विरोध उभरती पंजाबी गायिका विभ सिद्धू के नए गीत ‘भाभी’ का पोस्टर रिलीज मोहाली में व्यापारियों की समस्याओं पर सख्त रुख डिप्टी कमिश्नर ने दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश मोहाली में बस स्टैंड के पास कीमती जमीन पर कब्जे की कोशिश, इलाके में तनाव वार्ड 29 में 24 घंटे का मंडल प्रशिक्षण वर्ग 4 अप्रैल से, संगठन सशक्त करने पर रहेगा फोकस कनाडा इमिग्रेशन फ्रॉड दोषी करार गुरप्रीत सिंह ने सरकार पर ही ठोका केस, सजा से पहले मामला स्टे मोहाली के Ivy Hospital पर 45 लाख का जुर्माना, मेडिकल लापरवाही से 19 वर्षीय छात्रा की मौत चंडीगढ़ में सैलून मालिक से 1 करोड़ की फिरौती की मांग, गैंगस्टर बनकर दी धमकी नगर निगम टीम पर हमले के आरोपियों को मिली जमानत चंडीगढ़ में भीषण सड़क हादसा हिमाचल रोडवेज बस से टकराई स्कॉर्पियो, ड्राइवर गंभीर

भीमराव अंबेडकर जयंती: जानिए बाबा साहब के जीवन की प्रेरणादायक बातें और इस दिन का महत्व

admin
1 min read
Listen to News
Click play to hear this story
bhimrao ambedkar jayanti
bhimrao ambedkar jayanti

भारत में 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। देशभर में लोग इस दिन बाबा साहब को याद करते हैं और उनके योगदान को सलाम करते हैं। डॉ. अंबेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माता के रूप में समाज में गहरा प्रभाव छोड़ा है।

इस खास अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं और मोटिवेशनल संदेश भेजते हैं। सोशल मीडिया से लेकर व्यक्तिगत संदेशों तक, हर जगह बाबा साहब के विचारों और कोट्स की गूंज सुनाई देती है। कई लोग इस दिन को सामाजिक समरसता और समानता का प्रतीक मानते हैं।

क्या आप जानते हैं कि भीमराव अंबेडकर जयंती पर सरकारी अवकाश की शुरुआत 43 साल पहले आगरा से हुई थी? 1981 में पहली बार आगरा में डॉ. अंबेडकर की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। इसके बाद देश के कई राज्यों ने इस परंपरा को अपनाया, और आज यह दिन राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है।

डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष और प्रेरणा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए उनके विचार आज भी लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

बाबा साहब ने संविधान निर्माण के दौरान हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा की बात की। उनका मानना था कि समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब हर व्यक्ति को बराबरी का अधिकार मिले। उनके विचार आज भी युवाओं को जागरूक और प्रेरित करते हैं।

इस मौके पर कई संगठनों और संस्थानों द्वारा सेमिनार, भाषण, और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में भी डॉ. अंबेडकर के विचारों पर विशेष चर्चाएं होती हैं, जिससे नई पीढ़ी उनके योगदान से परिचित हो सके।

बाबा साहब के जीवन से जुड़े कई रोचक तथ्य भी इस दिन चर्चा में रहते हैं। उन्होंने कई किताबें लिखीं, जिनमें "एनिहिलेशन ऑफ कास्ट" और "द बुद्ध एंड हिज धम्म" प्रमुख हैं। अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाकर समाज में नई चेतना का संचार किया।

भीमराव अंबेडकर जयंती न केवल उनके योगदान को याद करने का दिन है, बल्कि समाज में समानता, शिक्षा और न्याय की अलख जगाने का भी अवसर है। देशवासियों के लिए यह दिन प्रेरणा और नए संकल्प का प्रतीक बन गया है।

Related Stories

Stay Informed. Subscribe Now.

Get breaking news and top stories delivered straight to your inbox. No spam, unsubscribe anytime.