पिछले कुछ दिनों से ‘जॉम्बी ड्रग’ का नाम सोशल मीडिया और समाचारों में छाया हुआ है। यह नशा अब केवल पंजाब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिहार जैसे राज्यों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। हजारों लोग इस विषय पर इंटरनेट पर जानकारी तलाश रहे हैं, जिससे इसके खतरों को लेकर जागरूकता बढ़ती जा रही है।
हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति व्यस्त सड़क पर लड़खड़ाता हुआ दिखाई दिया। उसकी हालत देखकर लोगों में इस ड्रग के असर को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ड्रग इंसान को कुछ ही घंटों में 'जॉम्बी' जैसी अवस्था में पहुंचा देता है, जहां उसकी सांस धीमी हो जाती है और शरीर पूरी तरह ढीला पड़ जाता है।
डॉक्टर्स बताते हैं कि 'जॉम्बी ड्रग' लेने के बाद व्यक्ति का व्यवहार असामान्य हो जाता है। वह कई घंटों तक एक ही जगह पर खड़ा रह सकता है, जैसे डिलीवरी बॉय का वायरल वीडियो जिसमें वह मुंह में बीड़ी दबाए स्टैच्यू की तरह खड़ा था। यह ड्रग न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद नुकसानदेह है।
पंजाब के बाद अब बिहार में भी इस ड्रग के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे राज्य सरकारों की चिंता बढ़ गई है। पुलिस और प्रशासन ने इस नशे के प्रसार को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है। समाज में जागरूकता अभियान शुरू किए जा रहे हैं ताकि युवा वर्ग को इसके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि 'जॉम्बी ड्रग' का सेवन करने वाले लोग अक्सर खुद को नियंत्रित नहीं कर पाते और कई बार सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर गिर जाते हैं। इससे उनकी जान को खतरा तो है ही, साथ ही आम लोगों के लिए भी यह स्थिति परेशान करने वाली है।
अभी तक भारत में इस ड्रग के प्रसार की पूरी तस्वीर सामने नहीं आई है, लेकिन इसके बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को सतर्क कर दिया है। लोग अपने परिवार के बच्चों और युवाओं पर नजर रखें और संदिग्ध व्यवहार दिखे तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
नशे के खिलाफ सरकारी प्रयासों के बावजूद 'जॉम्बी ड्रग' जैसी नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि समाज को मिलकर इस खतरे से निपटने की जरूरत है, ताकि भविष्य में युवाओं को इसकी चपेट में आने से रोका जा सके।
