अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिली, जिससे दुनियाभर के निवेशकों का ध्यान वॉल स्ट्रीट की ओर खिंच गया। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजार में नई ऊर्जा का संचार किया।
बीते दिनों ईरान के साथ संघर्षविराम की खबरों ने वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल बनाया। इसी के चलते अमेरिकी बाजारों में निवेशकों का भरोसा लौटा और डाउ जोन्स में जोरदार रैली देखने को मिली। नैस्डैक ने भी 3% की शानदार छलांग लगाई, जबकि एसएंडपी 500 इंडेक्स में 2% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य-पूर्व में तनाव कम होने के संकेत से निवेशक उत्साहित हैं। इससे न केवल अमेरिकी बल्कि एशियाई और यूरोपीय बाजारों पर भी सकारात्मक असर पड़ा है। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बाजार की स्थिरता बनी रह सकती है।
इस तेजी के पीछे तकनीकी कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन ने भी बड़ी भूमिका निभाई। वहीं, ऊर्जा और वित्तीय क्षेत्रों के शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इससे बाजार के सेंटीमेंट को मजबूती मिली और निवेशकों ने बड़े पैमाने पर निवेश किया।
डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज अमेरिका का प्रमुख स्टॉक इंडेक्स है, जिसमें देश की 30 बड़ी कंपनियां शामिल होती हैं। इसकी हर हलचल दुनियाभर के निवेशकों के लिए संकेत मानी जाती है। ताजा तेजी से भारतीय निवेशकों में भी उत्साह देखा गया, क्योंकि अमेरिकी बाजारों के सकारात्मक रुख का असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी पड़ सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि भू-राजनीतिक हालात स्थिर रहते हैं, तो अमेरिकी शेयर बाजार में आगे भी मजबूती देखी जा सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही निवेश संबंधी फैसले लें।
अमेरिकी शेयर बाजार की ताजा तेजी ने न सिर्फ वॉल स्ट्रीट बल्कि वैश्विक निवेशकों को भी राहत की सांस दी है। अब देखना यह है कि आने वाले सप्ताहों में यह रुझान कितनी मजबूती के साथ बरकरार रहता है।
