प्राइम टुडे न्यूज़13 अप्रैल 2026 पंजाब सरकार द्वारा धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी (असम्मान) के मामलों पर सख्त कानून लाने की तैयारी को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रस्तावित कानून को लेकर जहां सरकार इसे धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए जरूरी कदम बता रही है, वहीं शिवसेना पंजाब ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।जानकारी के अनुसार, सरकार एक ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करने पर विचार कर रही है, जिसमें पवित्र ग्रंथों के अपमान के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान हो सकता है। हालांकि, विरोधी दल और कुछ संगठनों का कहना है कि यह कानून पाकिस्तान के ईशनिंदा कानून की तरह कठोर हो सकता है, जिसका दुरुपयोग होने की आशंका है।शिवसेना पंजाब के नेताओं ने बयान जारी कर कहा कि इस तरह का कानून समाज में भय और असंतोष का माहौल पैदा कर सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसी भी नए कानून को लागू करने से पहले सभी वर्गों और धार्मिक संगठनों से व्यापक चर्चा की जाए।दूसरी ओर, सरकार का मानना है कि राज्य में पहले भी बेअदबी की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसे में कड़े कानून की जरूरत महसूस की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।फिलहाल, इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले समय में इस पर और चर्चा होने की संभावना है।
पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर सख्त कानून की तैयारी, शिवसेना पंजाब ने जताया विरोध
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