मशहूर शेफ संजीव कपूर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उनका नाम पद्मश्री सम्मान से जुड़ा विवाद और कपिल शर्मा की तारीफ को लेकर चर्चा में आया है।
संजीन कपूर ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने पद्मश्री सम्मान स्वीकारने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि जब तक उनकी कुछ शर्तें नहीं मानी जातीं, वे यह सम्मान नहीं लेंगे। इस फैसले ने न सिर्फ होटल इंडस्ट्री, बल्कि देशभर में बहस को जन्म दिया था।
कपूर ने बताया कि उन्होंने सालों तक होटल इंडस्ट्री में कड़ी मेहनत की है और वे चाहते थे कि उनके काम को सही तरीके से पहचाना जाए। उन्होंने कहा कि पुरस्कार देने की प्रक्रिया में कुछ बदलाव जरूरी हैं, ताकि असली टैलेंट को उसका हक मिल सके। इसी वजह से उन्होंने प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए अपनी शर्तें सामने रखीं।
इस घटना के बाद संजीव कपूर की ईमानदारी और पेशे के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की खूब सराहना हुई। सोशल मीडिया पर भी उनके इस फैसले की खूब चर्चा रही। कई लोग मानते हैं कि उनका यह कदम दूसरों के लिए मिसाल है।
एक अन्य मौके पर संजीव कपूर ने कॉमेडियन कपिल शर्मा की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि कपिल शर्मा ने अपने कार्यक्रमों के जरिये लोगों को दिल से खुशियां दी हैं। कपूर के मुताबिक, कपिल ने अपने अंदाज से हर वर्ग के लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का काम किया है, जो अपने आप में बड़ी बात है।
संजय कपूर का मानना है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सिर्फ पुरस्कार ही काफी नहीं हैं। असली पहचान तब मिलती है जब लोग आपके काम को दिल से स्वीकारते हैं और सराहते हैं। वे कहते हैं कि असली सम्मान वही है, जो आम जनता की नजरों में मिले।
संजीन कपूर के इन विचारों और फैसलों ने न केवल उन्हें सुर्खियों में ला दिया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि वे सिर्फ एक बेहतरीन शेफ ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक भी हैं। उनका यह दृष्टिकोण आज के समय में प्रेरणा देने वाला है।
