राजस्थान में आरटीई (निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार) के तहत एडमिशन के लिए लॉटरी रिजल्ट जारी कर दिए गए हैं। इस साल 6.25 लाख से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला पाने का सुनहरा मौका मिला है।
राज्य सरकार ने आरटीई के अंतर्गत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दिलाने के लिए यह पहल की है। लॉटरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई, जिसमें चयनित बच्चों के नाम ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं।
अभिभावक अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने बच्चों का चयन सूची में नाम देख सकते हैं। सरकार ने डायरेक्ट लिंक भी उपलब्ध कराया है, जिससे परिणाम चेक करना बेहद आसान हो गया है। इससे पहले हजारों अभिभावक रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
इस योजना के तहत चयनित बच्चों को राज्य के मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा मिलेगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार आवेदन की संख्या में भी रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिली है।
राज्य के शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर बच्चे को समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने चयनित बच्चों और उनके अभिभावकों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह पहल शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाएगी।
अब अगले चरण में चयनित बच्चों के दस्तावेजों का सत्यापन होगा। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे समय पर स्कूल में आवश्यक कागजात जमा कराएं, जिससे प्रवेश प्रक्रिया में कोई दिक्कत न हो।
आरटीई लॉटरी रिजल्ट से जिन बच्चों का चयन नहीं हुआ है, वे अगली बार फिर से आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा विभाग ने सभी अभिभावकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए अभिभावक विभाग की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।
राजस्थान में आरटीई के तहत लाखों बच्चों को शिक्षा के नए अवसर मिल रहे हैं। इससे न केवल बच्चों का भविष्य संवर रहा है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
