ऋषिकेश में बहुप्रतीक्षित बजरंग सेतु एक बार फिर चर्चा में है। उद्घाटन से पहले ही पुल के कांच के फुटपाथ में दरारें आ गई हैं, जिससे न सिर्फ स्थानीय लोग, बल्कि पर्यटक भी चिंतित हो उठे हैं। पुल की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं और आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बजरंग सेतु के निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि कांच की परत में हल्की दरारें देखी गईं। यह तीसरी बार है जब पुल के कांच में ऐसी दरारें आई हैं। इससे पूर्व भी निर्माण के दौरान दो बार इसी तरह की समस्याएं सामने आ चुकी हैं। बार-बार दरारें आने से लोगों में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर संशय गहरा गया है।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच पुल को लेकर डर का माहौल बन गया है। कई पर्यटकों ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता जाहिर की है और प्रशासन से पुल की जांच की मांग की है। कांच के फुटपाथ में दरार आने के बाद सार्वजनिक आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है।
इस मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) का कहना है कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि दरारें केवल ऊपरी सतह की हैं और इससे पुल की संरचनात्मक मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की टीम द्वारा पुल की जांच की जा रही है।
वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार दरारें आना निर्माण प्रक्रिया में लापरवाही की ओर इशारा करता है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पुल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और आवश्यक सुधार कार्य जल्द ही शुरू कर दिए जाएंगे।
ऋषिकेश में बजरंग सेतु का निर्माण गंगा नदी पर किया जा रहा है और यह पुल धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन उद्घाटन से पहले ही इस तरह की घटनाएं सामने आने से न सिर्फ प्रशासन, बल्कि आम जनता भी चिंता में है।
फिलहाल, पुल को लेकर जांच और मरम्मत का कार्य जारी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद ही पुल को आम लोगों के लिए खोला जाएगा। अब देखना होगा कि कब तक बजरंग सेतु पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और पूरी तरह तैयार हो पाता है।
