पंजाब 14 मार्च 2026 (जगदीश कुमार) पंजाब निवेश सम्मेलन के दूसरे दिन “आइडिया टू इम्पैक्ट: एक स्टार्टअप डेस्टिनेशन के रूप में पंजाब की यात्रा” विषय पर आयोजित एक महत्वपूर्ण सत्र में राज्य के उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम और यूनिकॉर्न कंपनियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस सत्र ने सरकार, उद्योग जगत और स्टार्टअप उद्यमियों को एक मंच पर लाकर पंजाब को नवाचार और उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के रणनीतिक दृष्टिकोण को सामने रखा।सत्र के दौरान पंजाब विकास आयोग की चेयरपर्सन सीमा बंसल ने राज्य में मौजूद मजबूत कारोबारी माहौल और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंजाब में व्यापार और नवाचार के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम मौजूद है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज जब देश में कई सफल टेक्नोलॉजी यूनिकॉर्न उभर रहे हैं, तो पंजाब के पास भी ऐसे स्टार्टअप्स को विकसित करने के लिए सभी जरूरी बुनियादी तत्व उपलब्ध हैं। अब जरूरत इस बात की है कि इस इकोसिस्टम को और मजबूत बनाकर राज्य में अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स तैयार किए जाएं।उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की निदेशक सुरभि मलिक ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि पंजाब सरकार स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों प्रकार के प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार नए उद्यमों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने और निवेश को आकर्षित करने के लिए लगातार सक्रिय कदम उठा रही है।इस अवसर पर हीरो साइकिल और एम.बी.सी.आई.ई के एमडी एस.के. राय ने अपने संबोधन की शुरुआत उर्दू के शेर “हंगामा शुरू करना मेरा मकसूद नहीं” से की। उन्होंने स्टार्टअप्स के लिए वैकल्पिक फंडिंग के नए रास्ते विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने आईआईटी रुड़की के एक सफल मॉडल का उदाहरण देते हुए बताया कि इसमें 24 हजार से अधिक निवेशकों ने कम से कम एक-एक लाख रुपये का निवेश स्टार्टअप्स में करने के लिए प्रेरित होकर भागीदारी की। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप में निवेश भविष्य के सबसे सुरक्षित निवेशों में से एक बनकर उभर रहा है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने शेर “हम तो दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है” के साथ पंजाबियों की उद्यमशीलता की भावना की सराहना की।सत्र में टीआईई चंडीगढ़ के अध्यक्ष पुनीत वर्मा ने स्टार्टअप्स को फंडिंग और मार्गदर्शन देने में अपनी संस्था की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था 1993 से उद्यमियों को शिक्षा, बाजार में पहचान और विकास के अवसर प्रदान करने पर काम कर रही है।पंजाब इनोवेशन मिशन के सीईओ सोमवीर आनंद ने “स्टार्टअप पंजाब” पहल के तहत अपने अनुभव साझा करते हुए राज्य में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस सत्र का संचालन केपीएमजी में फूड, एग्रीकल्चर और एलाइड सर्विसेज के लीड हिमांशु रतन ने किया।
कार्यक्रम के अंत में खुली चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने पैनल से सीधे संवाद कर अपने प्रश्न रखे। बाद में मुख्य वक्ताओं को औपचारिक रूप से सम्मानित भी किया गया।
निवेश पंजाब सम्मेलन ‘आइडिया टू इम्पैक्ट’ सत्र में स्टार्टअप हब के रूप में उभरते पंजाब पर मंथन
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