महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर पूरे देश में उत्सव का माहौल है। कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कांग्रेस ने जयंती के बहाने शक्ति प्रदर्शन किया, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
ज्योतिबा फुले के योगदान को लेकर नेताओं ने उनके विचारों की चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी समेत अन्य नेताओं ने फुले के सामाजिक सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की। मोदी सरकार के संकल्प में भी फुले के विचारों की गूंज सुनाई देती है, ऐसा कई नेताओं का मानना है। फुले ने महिला शिक्षा और दलित अधिकारों के लिए जो संघर्ष किया, उसे आज भी लोग प्रेरणा के रूप में मानते हैं।
सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर ज्योतिबा फुले के प्रेरणादायी विचार खूब शेयर किए जा रहे हैं। Live Hindustan जैसी प्रमुख वेबसाइटों ने फुले की जयंती पर उनके अनमोल विचारों को हिंदी में प्रकाशित किया, जिससे युवा वर्ग में जागरूकता बढ़ रही है। कई शिक्षण संस्थानों और सामाजिक समूहों ने भी फुले की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए।
ज्योतिबा फुले के जीवन और संघर्ष को लेकर विभिन्न मंचों पर चर्चा हुई। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने फुले के आदर्शों को अपने राजनीतिक एजेंडे से जोड़ते हुए सामाजिक न्याय और समता की बात कही। वहीं, भाजपा नेताओं ने भी फुले के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को सरकार की योजनाओं में शामिल करने की बात कही।
फुले की जयंती पर देशभर में विचार गोष्ठी, संगोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों ने फुले के जीवन पर निबंध, भाषण और पोस्टर प्रतियोगिताएं भी कीं। इससे नई पीढ़ी में उनके विचारों की समझ और सम्मान बढ़ रहा है।
महात्मा फुले के विचार आज भी सामाजिक बदलाव के लिए प्रासंगिक हैं। उनकी जयंती पर देशभर में हुए आयोजनों ने उनके योगदान को फिर से उजागर किया और लोगों को सामाजिक न्याय व समानता की दिशा में प्रेरित किया।
