देशभर में मार्च के महीने में ही गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। सीहोर और मुंबई जैसे शहरों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सीहोर में पहली बार पारा 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में तापमान में और इजाफा हो सकता है। खास बात यह है कि पिछले महीने तक यहां ठंड और बारिश का असर दिखाई दे रहा था, लेकिन अब मौसम ने अचानक करवट ली है।
मुंबई में भी गर्मी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मार्च के महीने में ही तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे हीटवेव का असर साफ नजर आने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी तेज गर्मी आमतौर पर मई-जून में महसूस होती थी, लेकिन इस बार मौसम ने समय से पहले ही रंग दिखा दिया है।
पराली जलाने की घटनाओं के कारण भी तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। खेतों में जलाई जा रही पराली की आग से वातावरण गर्म हो रहा है और मिट्टी का तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों ने इस संबंध में प्रमाण भी जुटाए हैं कि पराली की आग से स्थानीय स्तर पर तापमान में तेज वृद्धि हो रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि यह स्थिति जारी रही तो आने वाले समय में हीटवेव और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे धूप में बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
बढ़ती गर्मी से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बरतने की अपील की है और लू से बचाव के उपायों को अपनाने पर जोर दिया है।
गौरतलब है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में असामान्य बदलाव देखे जा रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पर्यावरण संरक्षण के उपाय नहीं किए गए तो आने वाले वर्षों में गर्मी और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकती है।
अभी तो मार्च की शुरुआत है, लेकिन जिस तरह से तापमान बढ़ रहा है, उससे इस साल की गर्मी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। लोगों को सतर्क रहना जरूरी है और प्रशासन ने भी हालात पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं।
यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News
