एशिया-पैसिफिक बाजारों में मंगलवार को Hang Seng इंडेक्स में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। भारत में बाजार खुलने से पहले ही हांगकांग का यह प्रमुख सूचकांक निवेशकों की चिंता का कारण बना रहा। इसके साथ ही Nikkei 225 और अन्य क्षेत्रीय इंडेक्स भी उतार-चढ़ाव से प्रभावित रहे।
Hang Seng इंडेक्स की शुरुआती तेजी दिन के अंत तक गायब हो गई और मामूली बढ़त के साथ बाजार बंद हुआ। इस दौरान कई बड़े कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें RIL और SBI जैसे भारतीय कंपनियां भी शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रुझान वैश्विक आर्थिक संकेतों के कारण देखने को मिला।
अमेरिकी बाजारों के बंद रहने से एशियाई बाजारों में कारोबार का माहौल सीमित रहा। वहीं, फ्यूचर्स में तीनों प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स दायरे में कारोबार करते दिखे। निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले FOMC मिनट्स, Q4 GDP अनुमान और PCE प्राइस इंडेक्स आंकड़ों पर टिकी है। इन आंकड़ों से वैश्विक बाजारों की दिशा तय होने की उम्मीद है।
Facebook समेत अन्य टेक कंपनियों के शेयरों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एशियाई बाजारों में अस्थिरता की वजह वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति संबंधी घोषणाएं हैं। इससे निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ गई है और वे सतर्कता बरत रहे हैं।
CNBC TV18 और Zee Business जैसी प्रमुख मीडिया संस्थाओं ने बाजार की ताजा स्थिति और संभावित जोखिमों पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। उनका मानना है कि अगले कुछ दिनों में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, खासकर जब अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सामने आएंगे।
ABP News के अनुसार, निवेशकों को फिलहाल बाजार में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। Hang Seng और अन्य एशियाई इंडेक्स की चाल पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि भारत समेत दुनिया के अन्य बाजारों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
इस सप्ताह के अंत तक, बाजार की दिशा और निवेशकों की रणनीति अमेरिकी फेडरल रिजर्व की घोषणाओं और आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। फिलहाल, बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
