ईद-उल-फितर 2026 को लेकर लोगों में उत्सुकता चरम पर है। हर साल की तरह इस बार भी भारत, सऊदी अरब और अन्य इस्लामिक देशों में चांद देखने की तारीख को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लाखों लोग यह जानना चाहते हैं कि ईद 2026 में कब मनाई जाएगी और चांद कब दिखाई देगा।
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, ईद-उल-फितर रमजान के महीने के पूरा होने के बाद मनाई जाती है। चांद दिखने पर ही अगले दिन ईद का त्योहार मनाया जाता है। खगोलशास्त्रियों की मानें तो साल 2026 में रमजान का महीना 19 फरवरी से शुरू होने की संभावना है। ऐसे में ईद-उल-फितर का पर्व 19 मार्च या 20 मार्च 2026 को मनाया जा सकता है, लेकिन अंतिम फैसला चांद दिखने के बाद ही होगा।
सऊदी अरब और खाड़ी देशों में आमतौर पर भारत से एक दिन पहले चांद नजर आता है। खाड़ी देशों में 19 मार्च को ईद मनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे दक्षिण एशियाई देशों में 20 मार्च को ईद का त्योहार मनाया जा सकता है। हालांकि, यह तारीखें स्थानीय चांद देखने पर निर्भर करती हैं।
अंतरराष्ट्रीय खगोल केंद्र (इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल सेंटर) ने भी अनुमान जताया है कि 2026 में ईद का चांद 18 मार्च को नजर आ सकता है। अगर उस दिन चांद दिखाई देता है तो अगले दिन यानी 19 मार्च को सऊदी अरब और अन्य अरब देशों में ईद मनाई जाएगी। भारत में चांद एक दिन बाद दिखने की संभावना है, जिससे यहां 20 मार्च को ईद मनाई जा सकती है।
धार्मिक जानकारों का कहना है कि ईद-उल-फितर की तारीख हर साल बदलती है क्योंकि इस्लामी कैलेंडर चांद की गति पर आधारित है। इसलिए चांद दिखने की पुष्टि स्थानीय धार्मिक संस्थाएं और मस्जिदें करती हैं। लोग चांद देखने के लिए शाम के वक्त आसमान की ओर नजरें गड़ाए रहते हैं।
सरकारी छुट्टियों और त्योहारों की तैयारियों के लिए लोगों को ईद की सही तारीख का इंतजार रहता है। बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है और लोग रमजान के बाद ईद की खरीदारी की योजनाएं बनाने लगे हैं। इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि ईद-उल-फितर 2026 का पर्व उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा।
आखिरकार, ईद की सही तारीख का ऐलान चांद दिखने के बाद ही किया जाएगा। तब तक लोग प्रार्थना और उपवास में व्यस्त रहेंगे, ताकि यह त्योहार उनके लिए खुशियां लेकर आए।
