महाराष्ट्र के चर्चित बैंक घोटाले में एक नया मोड़ आया है। डिप्टी सीएम अजित पवार के विश्वासपात्र माने जाने वाले प्राजक्त तनपुरे से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई घंटों तक पूछताछ की है। सूत्रों के अनुसार, ईडी तनपुरे के जवाबों से संतुष्ट नहीं है और जांच की दिशा अब और तेज हो सकती है।
प्राजक्त तनपुरे महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी हैं और हाल के दिनों में उन पर निगाहें टिकी रही हैं। माना जा रहा है कि ईडी ने उनसे बैंक घोटाले से जुड़े लेन-देन, संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों के बारे में विस्तार से सवाल किए। इस बीच, भाजपा नेता किरीट सोमैया ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्राजक्त तनपुरे का नाम इससे पहले भी कई बार विभिन्न विवादों में सामने आ चुका है। हालांकि, बैंक घोटाले में उनकी संलिप्तता को लेकर अब तक कोई पुख्ता सबूत सार्वजनिक नहीं हुए हैं। फिर भी, प्रवर्तन निदेशालय की लगातार पूछताछ से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
इस घोटाले में कई अन्य बड़े नाम भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है, जबकि सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है। अब सबकी नजरें ईडी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस घोटाले की जांच के नतीजे महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा असर डाल सकते हैं। प्राजक्त तनपुरे से ईडी की पूछताछ ने सरकार की छवि और स्थिरता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा, क्या प्राजक्त तनपुरे या किसी अन्य बड़े नेता पर कानूनी शिकंजा कस सकता है—यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में यह घोटाला सुर्खियों में बना हुआ है और जनता को भी सच्चाई जानने का इंतजार है।
