एशिया के शेयर बाजारों में मंगलवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। खासतौर पर हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स प्रमुख गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों के बीच बेचैनी बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए नए टैरिफ की चेतावनी के बाद सामने आई है। ट्रम्प की धमकी से न सिर्फ हांगकांग, बल्कि पूरे एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के बाजारों पर दबाव पड़ा है।
हैंग सेंग इंडेक्स में गिरावट के साथ ही जापान का निक्केई 225 इंडेक्स भी कमजोर हुआ। निवेशकों को डर है कि अगर अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध तेज होता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
भारतीय बाजार भी इन वैश्विक संकेतों के साए में खुले। विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी निवेशकों के रवैये और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े डर ने दलाल स्ट्रीट पर भी असर डाला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट देखी गई।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। जैसे ही व्यापार से जुड़ी अनिश्चितता कम होगी, बाजारों में स्थिरता लौट सकती है। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
वहीं, निवेशकों की नजर अब अगले अमेरिकी फैसलों और चीन की प्रतिक्रिया पर टिकी है। अगर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है, तो एशियाई बाजारों में और गिरावट संभव है।
कुल मिलाकर, मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में जबरदस्त हलचल रही। हैंग सेंग इंडेक्स की गिरावट ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है और अब सभी की निगाहें आगामी आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रम पर हैं।
यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News
