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पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर अमेरिका ने इस्राइल को 151 मिलियन डॉलर के बम दिए, ईरान पर बड़े हमले की चेतावनी

vishal kumar
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प्राइम टुडे न्यूज़ 7 मार्च 2026 पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने प्रमुख सहयोगी इस्राइल को 151 मिलियन डॉलर (करीब 1300 करोड़ रुपये) के भारी बमों की आपूर्ति को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार देर रात इस हथियार सौदे की घोषणा करते हुए कहा कि आपातकालीन स्थिति को देखते हुए संसद की सामान्य समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार किया गया है।इस आपातकालीन पैकेज में BLU-110A/B सामान्य उपयोग वाले बम शामिल हैं।इसके साथ ही अमेरिका इस्राइल को लॉजिस्टिक सहायता और अन्य जरूरी सपोर्ट सेवाएं भी प्रदान करेगा। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार यह सौदा अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों के अनुरूप है। इसका मकसद पश्चिम एशिया में अमेरिका के एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार की सुरक्षा को मजबूत करना है, जो क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाता रहा है।हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस्राइल इन बमों का इस्तेमाल किस खास उद्देश्य या स्थान के लिए करेगा। अधिकारियों का मानना है कि यह सौदा इस्राइल की मौजूदा और भविष्य की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा, उसकी घरेलू रक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाएगा तथा क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ निवारक शक्ति के रूप में काम करेगा।
ईरान पर बड़े हमले की तैयारी इसी बीच अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि अमेरिका की ओर से ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जा सकता है। उनके मुताबिक इस अभियान में ईरान के मिसाइल लॉन्चिंग स्थलों और मिसाइल निर्माण कारखानों को निशाना बनाया जाएगा, ताकि उसकी सैन्य उत्पादन क्षमता को कमजोर किया जा सके।बेसेंट ने आरोप लगाया कि ईरान वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण भी दुनिया के तेल और गैस आपूर्ति मार्गों के लिए बड़ा जोखिम बन रहा है।ईरान में जमीनी सैनिक भेजने पर विचार
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में जमीनी स्तर पर सैनिक भेजने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं। एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट में कई सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सहयोगियों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ बातचीत में इस संभावना का जिक्र किया है।हालांकि सूत्रों का कहना है कि अभी बड़े पैमाने पर जमीनी हमले की योजना नहीं है। ट्रंप सीमित संख्या में अमेरिकी सैनिकों को विशेष रणनीतिक मिशनों के लिए भेजने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। इस मामले में अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

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