अमेरिका ने हाल ही में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई में अत्याधुनिक B-2 बॉम्बर्स का इस्तेमाल हुआ, जिन्होंने 2000 पाउंड के भारी बम गिराकर ईरानी ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन अमेरिकी सुरक्षा रणनीति का हिस्सा था, जिसमें ईरान के मिसाइल बेस को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया था। इस हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस कार्रवाई को सफल बताया है और कहा है कि इससे ईरान की मिसाइल शक्ति पर बड़ा असर पड़ेगा।
B-2 बॉम्बर्स दुनिया के सबसे एडवांस्ड स्टेल्थ विमानों में गिने जाते हैं, जो रडार से बचकर दुश्मन के इलाके में घुस सकते हैं। इन विमानों ने ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों पर सटीक निशाना साधा, जिससे भारी नुकसान हुआ। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई मिसाइल डिपो और कमांड सेंटर बमबारी में पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।
इस ऑपरेशन के बाद पश्चिम एशिया में हालात और गंभीर हो गए हैं। ईरान ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी निंदा की है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
इस हमले के साथ-साथ भारत में भी बी-एक विभागीय परीक्षा को लेकर खबरें सामने आई हैं। झज्जर-बहादुरगढ़ में 129 जवानों ने इस परीक्षा में भाग लिया, जिसमें 47 प्रतिभागी सफल हुए। परीक्षा के नतीजे से विभाग में उत्साह का माहौल है।
वहीं, शिक्षा क्षेत्र में भी बदलाव देखने को मिला है। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए कक्षा 10वीं के हिंदी पेपर A और B को समाप्त कर दिया गया है। परीक्षा पैटर्न, पासिंग मार्क्स और अन्य विवरणों में बदलाव किए गए हैं। इससे छात्रों को तैयारी में नई दिशा मिलेगी और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ भारत में शिक्षा और विभागीय परीक्षाओं से जुड़ी खबरें भी चर्चा में हैं। यह घटनाएं देश और दुनिया के बदलते परिदृश्य को दर्शाती हैं, जहां सुरक्षा, शिक्षा और प्रशासन से जुड़े मुद्दे लगातार खबरों में बने हुए हैं।
यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News
