उत्तर प्रदेश 5 मार्च 2026 ( प्राइम टुडे न्यूज़ ) उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों के साथ बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। गुरुवार को गाजियाबाद में भाजपा और आरएसएस की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों और स्थानीय भाजपा नेताओं से लंबी चर्चा की।सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है ताकि चुनावी रणनीति को जमीनी स्तर तक मजबूत किया जा सके। बैठक में कार्यकर्ताओं को समाज के विभिन्न वर्गों से संपर्क बढ़ाने और जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने के निर्देश दिए गए।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन बैठकों के जरिए जनता की वास्तविक राय और जमीनी मुद्दों को भी जानने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार यह समझना चाहती है कि किन मुद्दों पर जनता की अपेक्षाएं ज्यादा हैं और किन क्षेत्रों में अभी और काम करने की जरूरत है।पार्टी नेताओं का मानना है कि भाजपा और आरएसएस के बेहतर समन्वय का लाभ पहले भी चुनावों में मिला है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों के साथ-साथ 2017 और 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भी दोनों संगठनों के तालमेल से पार्टी को बड़ी जीत हासिल हुई थी। इसी मॉडल को आगे बढ़ाते हुए भाजपा अब 2027 में भी जीत की हैट्रिक लगाने की रणनीति पर काम कर रही है।सूत्रों के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उन क्षेत्रों में जहां भाजपा को पहले बेहतर समर्थन मिला है, वहां समाज के प्रभावशाली वर्गों से संपर्क मजबूत करने पर जोर दिया गया है। वहीं जिन इलाकों में पार्टी अपेक्षाकृत कमजोर रही है, वहां नए सामाजिक समूहों को जोड़कर संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई जा रही है।बताया जा रहा है कि इस तरह की समन्वय बैठकें आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में आयोजित की जाएंगी, ताकि चुनाव से पहले संगठन को और अधिक सक्रिय और मजबूत बनाया जा सके।
यूपी चुनाव 2027 की तैयारी तेज सीएम योगी ने आरएसएस पदाधिकारियों से ली जमीनी फीडबैक
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