इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सुर्खियों में आकर अपनी राय रखी है। ट्रंप ने अमेरिकी नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा हालात में अमेरिका को अपनी प्राथमिकताओं पर फिर से विचार करना चाहिए।
बीते कुछ दिनों में इज़रायल और ईरान के बीच लगातार झड़पें जारी हैं। हाल ही में बेरूत में इज़रायली सेना ने ड्रोन हमले किए, जिसमें ईरान के करीब 20 नागरिकों की मौत की खबर है। इस घटना के बाद से ही पश्चिम एशिया में हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में अमेरिका को हर संघर्ष में शामिल होने की जरूरत नहीं है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने इज़रायल की सुरक्षा के लिए 25 नए B-2 बॉम्बर्स खरीदने का फैसला लिया है।
ईरान और इज़रायल के बीच चल रही इस जंग का असर दुनिया भर में महसूस किया जा रहा है। तेल की आपूर्ति बाधित होने के कारण भारत समेत कई देशों को तेल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। भारत ने बांग्लादेश को 5,000 टन डीजल की आपूर्ति करके अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश की है।
ट्रंप ने अपने बयान में अमेरिका की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपनी सीमाओं की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, बजाय कि हर अंतरराष्ट्रीय मुद्दे में हस्तक्षेप करने के। ट्रंप के मुताबिक, इससे अमेरिका को आर्थिक और सामरिक दोनों मोर्चों पर फायदा मिलेगा।
इज़रायल-ईरान युद्ध के नौवें दिन भी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच संघर्ष और बढ़ा तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। अमेरिका समेत अन्य पश्चिमी देश इस संघर्ष पर नजर बनाए हुए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने अमेरिकी राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर ट्रंप अमेरिका की सैन्य भूमिका कम करने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मौजूदा सरकार इज़रायल का समर्थन जारी रखने पर अडिग है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका अपनी नीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।
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