Skip to content
Wednesday, March 11, 2026 | LIVE TV
LIVE TV
BREAKING
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी फंड में करोड़ों की सेंध, बैंक FDR जांच में सामने आया बड़ा वित्तीय घोटाला सिविल सर्जन ने अभिभावकों से बेटियों का एचपीवी टीकाकरण करवाने की अपील अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘हौसलों के रू-ब-रू’ कार्यक्रम का आयोजन बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिला बीएलओ को प्रशंसा पत्र देकर किया सम्मानित 14 मार्च को एस.ए.एस. नगर में लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, कई तरह के मामलों का होगा निपटारा किसानों से अपील: गेहूं की पराली को आग लगाने की बजाय खेतों में ही मिलाएं एडीसी सोनम चौधरी पंजाब विधानसभा में हंगामा प्रश्न शामिल न होने पर बाजवा के आरोप, कांग्रेस विधायकों का वॉकआउट पंजाब में बढ़ने लगी गर्मी, पारा सामान्य से 7.5 डिग्री ऊपर मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी ‘सबका साथ, सबका विकास’ विषय पर वेबिनार को आज संबोधित करेंगे पीएम मोदी, शिक्षा-स्वास्थ्य और पर्यटन पर होगी चर्चा खाड़ी में तनाव का असर उड़ानें कम, टिकट 1 लाख तक; हजारों भारतीयों की घर वापसी मुश्किल

देश में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की मंजूरी, गाजियाबाद के हरीश राणा को राहत

admin
1 min read
Listen to News
Click play to hear this story
harish rana
harish rana

सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए गाजियाबाद निवासी हरीश राणा को इच्छामृत्यु की इजाजत दे दी है। यह देश में पहली बार है जब सर्वोच्च न्यायालय ने किसी मरीज को ऐसी अनुमति प्रदान की है।

हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से कोमा में थे और उनकी देखभाल में परिवार को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। लंबे समय से बेहोशी की हालत में रहने के बाद उनके परिवार ने अदालत से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी थी।

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस पारदीवाला भावुक हो गए। कोर्ट ने कहा कि यह फैसला न केवल कानून बल्कि मानवीय संवेदनाओं के आधार पर लिया गया है। अदालत ने मेडिकल विशेषज्ञों की राय और परिवार की इच्छा को ध्यान में रखते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया।

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि हरीश राणा की स्थिति में सुधार की कोई संभावना नहीं है। ऐसे मामलों में मरीज और उसके परिवार की गरिमा का सम्मान करना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अदालत ने इच्छामृत्यु की इजाजत दी।

यह फैसला देश भर में बहस का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे मानवीय अधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे नैतिक और कानूनी चुनौती के तौर पर देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए मिसाल बनेगा।

हरीश राणा के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का स्वागत किया है और कहा है कि उन्हें अब मानसिक शांति मिली है। उन्होंने न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह फैसला कई परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनेगा।

देश में इच्छामृत्यु पर अब तक स्पष्ट कानून नहीं था, लेकिन इस मामले के बाद इस मुद्दे पर समाज और सरकार में नई बहस की शुरुआत हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।


यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News

Related Stories

Stay Informed. Subscribe Now.

Get breaking news and top stories delivered straight to your inbox. No spam, unsubscribe anytime.