हाल ही में स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। देशभर में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के बीच एसएलसी से जुड़ी खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। इंटरनेट पर भी 'एसएलसी' को लेकर सर्च वॉल्यूम में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
पिछले दिनों रेवाड़ी में एक अहम मामला सामने आया, जहां बच्चों को स्कूल से एसएलसी जारी करने के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ा। कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल प्रशासन को बच्चों का एसएलसी देना पड़ा, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई में आसानी होगी। इस फैसले का कई अभिभावकों ने स्वागत किया है।
एसएलसी यानी स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट वह दस्तावेज है, जिसकी जरूरत छात्र को एक स्कूल से दूसरे स्कूल में दाखिला लेने या उच्च शिक्षा के लिए होती है। कई बार स्कूल प्रशासन एसएलसी जारी करने में आनाकानी करता है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में अब अभिभावक अपने हक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा रहे हैं।
इधर, खेल जगत में भी 'एसएलसी' चर्चा में है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम में बड़ा बदलाव किया है। प्रमुख खिलाड़ी मथीशा पथिराना के चोटिल होने के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो जाने पर एसएलसी ने नए खिलाड़ी को टीम में बुलाया है। इससे श्रीलंकाई क्रिकेट फैंस के बीच हलचल मच गई है।
शिक्षा जगत में एसएलसी की मांग लगातार बढ़ रही है। खासकर रिजल्ट सीजन में, जब छात्र स्कूल बदलना चाहते हैं या किसी अन्य बोर्ड में प्रवेश लेना होता है, तब एसएलसी की अनिवार्यता सामने आती है। वहीं, नौकरी या सरकारी सेवाओं में भी कई बार एसएलसी की जरूरत पड़ती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों को एसएलसी जारी करने में पारदर्शिता बरतनी चाहिए, ताकि छात्रों का भविष्य बाधित न हो। सरकार द्वारा भी एसएलसी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
एसएलसी से जुड़ी समस्याओं और उसके समाधान के लिए अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। यदि किसी स्कूल द्वारा एसएलसी देने में देरी की जाती है, तो संबंधित शिक्षा विभाग या अदालत की मदद ली जा सकती है।
फिलहाल, एसएलसी शिक्षा और खेल जगत दोनों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आने वाले समय में इस विषय पर और भी नीतिगत बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News
