चंडीगढ़ 26 फरवरी 2026 प्राइम टूडे न्यूज पंजाब में करीब साढ़े तीन साल से कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर कमान संभाल रहे 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने पंजाब सरकार को स्थायी डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश देते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजने को कहा है। इस संबंध में मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया, जिसे आगे कार्रवाई के लिए गृह विभाग को सौंप दिया गया है। बताया जा रहा है कि 10 दिन के भीतर तीन वरिष्ठ अधिकारियों का पैनल यूपीएससी को भेजा जाएगा।मार्च 2022 में आम आदमी पार्टी सरकार बनने के बाद जुलाई में गौरव यादव को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था। उस समय स्थायी नियुक्ति के लिए पैनल नहीं भेजा गया। बाद में पंजाब विधानसभा में पंजाब पुलिस संशोधन बिल-2023 पारित कर कार्यकारी डीजीपी की व्यवस्था को वैधानिक आधार दे दिया गया।गौरव यादव के कार्यकाल में प्रदेश कई बड़ी चुनौतियों से गुजरा। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, अमृतपाल सिंह प्रकरण, थानों पर आतंकी हमले, बढ़ता गैंगस्टरवाद और नशा तस्करी जैसे मामलों ने पुलिस नेतृत्व की परीक्षा ली। सरकार ने ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ और ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे अभियान भी चलाए, लेकिन विपक्ष ने कार्यकारी डीजीपी व्यवस्था पर सवाल उठाए।शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल समेत कई विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट भी राज्यों में कार्यवाहक डीजीपी नियुक्ति पर चिंता जता चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब को स्थायी डीजीपी मिलता है या नहीं।

