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आरजीयूएचएस हॉस्टल्स में सुसाइड रोकने के लिए नया कदम, सीलिंग फैन पर लगेगा खास डिवाइस

admin
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राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RGUHS) के हॉस्टल्स में हाल ही में बढ़ते आत्महत्या के मामलों ने प्रशासन और छात्रों को चिंता में डाल दिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब हॉस्टल के सीलिंग फैंस पर एक विशेष सुरक्षा डिवाइस लगाने का फैसला किया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह डिवाइस आत्महत्या की घटनाओं को रोकने में मदद करेगा। डिवाइस की खासियत यह है कि जैसे ही कोई असामान्य दबाव या गतिविधि होती है, वह अलार्म के जरिए वार्डन और सुरक्षाकर्मियों को सतर्क कर देता है। इससे इमरजेंसी के समय तुरंत मदद पहुंचाई जा सकेगी।

छात्रों के अभिभावकों और समाज में इस निर्णय का स्वागत किया जा रहा है। कई अभिभावकों ने कहा कि इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर उनका भरोसा बढ़ा है। वहीं, छात्र संगठन भी इस कदम को सकारात्मक मान रहे हैं और प्रशासन से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर और ठोस पहल करने की मांग कर रहे हैं।

आरजीयूएचएस के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आत्महत्या की प्रवृत्ति को केवल तकनीकी उपायों से नहीं रोका जा सकता, इसके लिए काउंसलिंग और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए नियमित रूप से मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

गौरतलब है कि हाल के महीनों में आरजीयूएचएस के कुछ हॉस्टलों में आत्महत्या के कई मामले सामने आए थे, जिससे पूरे कैंपस में भय और तनाव का माहौल बन गया था। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई का दबाव, प्रतियोगिता और निजी समस्याएं ऐसी घटनाओं का कारण बनती हैं।

प्रशासन ने हॉस्टल सुपरिटेंडेंट्स को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों की मानसिक स्थिति पर नजर रखें और किसी भी असामान्य व्यवहार की जानकारी तुरंत विश्वविद्यालय प्रशासन को दें। साथ ही, छात्रों को भी अपने साथियों की मदद करने और जरूरत पड़ने पर मदद मांगने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

आरजीयूएचएस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि छात्र न सिर्फ शैक्षणिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी सुरक्षित और स्वस्थ रहें।

छात्रों से अपील की गई है कि वे तनाव की स्थिति में अकेले न रहें और किसी भी समस्या के लिए विश्वविद्यालय की हेल्पलाइन या काउंसलर से संपर्क करें। विश्वविद्यालय ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए हैं ताकि छात्र कभी भी मदद ले सकें।


यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News

Tags: # rguhs

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