प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ऐतिहासिक इजराइल दौरे पर रवाना हो चुके हैं। यह यात्रा लगभग 9 साल बाद हो रही है, जिस पर भारत और इजराइल दोनों देशों की नजरें टिकी हुई हैं। मोदी की यात्रा को लेकर इजराइली मीडिया में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
इजराइल के प्रमुख अखबार ने अपने फ्रंट पेज पर हिंदी में ‘नमस्ते’ लिखकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। यह पहली बार है जब इजराइल के किसी बड़े अखबार ने हिंदी भाषा में मुख्य पृष्ठ जारी किया है, जिससे दोनों देशों के संबंधों की गर्मजोशी साफ झलकती है। स्थानीय लोगों और भारतीय समुदाय में भी इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
भारत और इजराइल के रिश्ते हाल के वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच पीएम मोदी का यह दौरा रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, कृषि और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं बढ़ी हैं।
इस दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर की उम्मीद जताई जा रही है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत में सुरक्षा, साइबर तकनीक, जल संरक्षण और व्यापार को लेकर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत-इजराइल संबंधों को नई दिशा मिलेगी।
वहीं, भारतीय मुद्रा की इजराइली मुद्रा के मुकाबले तुलना भी चर्चा में है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया कि भारत के 500 रुपये इजराइल में कितने रूपये के बराबर होते हैं, जिसे जानकर कई लोग हैरान रह गए। यह आर्थिक आदान-प्रदान दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।
पीएम मोदी की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे के जरिए भारत-इजराइल साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश की जा रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, इजराइल दौरा भारत की विदेश नीति में एक नया अध्याय जोड़ सकता है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलने की संभावना है, जिससे दोनों देशों को लाभ मिलेगा।
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