नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के नाम पर 150 से अधिक फर्जी वेबसाइट और यूट्यूब चैनल इंटरनेट पर सक्रिय पाए गए हैं। इन फर्जी प्लेटफॉर्म्स के जरिए छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। एनआईओएस ने खुद इसकी सूची जारी कर छात्रों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
परीक्षाओं की बात करें तो, एनआईओएस की प्रायोगिक परीक्षाएं 2026 के लिए 17 मार्च से 1 अप्रैल तक आयोजित की जाएंगी। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इससे संबंधित अधिक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
एनआईओएस के अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और मान्यता प्राप्त स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। फर्जी वेबसाइट्स और यूट्यूब चैनल्स के झांसे में आकर निजी जानकारी या फीस न दें। ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।
एनआईओएस की परीक्षा तिथियों को लेकर भी छात्रों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है। कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों परीक्षाओं का शेड्यूल अप्रैल में रखा गया है। सभी छात्र समय रहते एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें और परीक्षा केंद्र की जानकारी अच्छे से जांच लें।
विशेषज्ञों के अनुसार, फर्जी वेबसाइट्स पर दिए गए लिंक और फॉर्म्स पर क्लिक करने से व्यक्तिगत जानकारी की चोरी हो सकती है। साइबर अपराधियों से बचने के लिए छात्रों को सतर्क रहना जरूरी है। एनआईओएस की आधिकारिक वेबसाइट nios.ac.in पर ही सभी अपडेट्स और सूचनाएं साझा की जाती हैं।
परीक्षार्थियों के लिए यह भी जरूरी है कि वे समय रहते अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दें। बोर्ड ने सभी छात्रों को सलाह दी है कि वे किसी भी शंका या समस्या के लिए एनआईओएस हेल्पलाइन से संपर्क करें। परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देश वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
अंत में, छात्रों और अभिभावकों से निवेदन है कि वे सोशल मीडिया या अन्य अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स की जानकारी पर भरोसा न करें। केवल एनआईओएस द्वारा जारी आधिकारिक सूचना को ही मान्य मानें। जागरूक रहकर ही आप साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।
यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News
