चंडीगढ़ 27 फरवरी 2026 (जगदीश कुमार) चंडीगढ़ में पंजाबी साहित्य सभा मोहाली और जीईआई के संयुक्त तत्वावधान में मेडिसिटी, न्यू चंडीगढ़ स्थित संस्थान परिसर में ‘नज़र-ए-मुशायरा’ का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही और पूरा माहौल अदबी रंग में रंगा नजर आया।कार्यक्रम का आरंभ स्वागत संबोधन से हुआ। डॉ. एस.पी.एस. ग्रेवाल ने साहित्य की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कविता और शायरी समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इसके बाद आयोजक कमल दोसांझ ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।मुशायरे में दर्शन बुट्टर, प्रो. गुरदीप गुल, सुशील दोसांझ, त्रिलोचन लूची, महेंद्र कुमार सानी, जस्टिस हसनैन साहिब, सुखविंदर अमृत, अमरदीप सिंह, सरबजीत कौर जस, संदीप जसवाल, नंद किशोर अनहद और हरप्रीत कौर संधू सहित अनेक प्रतिष्ठित शायरों ने अपनी ग़ज़लों और नज़्मों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रेम, संवेदना और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं पर बार-बार तालियां गूंजती रहीं।कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मंच संचालन डॉ. सुखबीर ग्रेवा, डॉ. मंगला डोगरा और श्रीमती आशा ने प्रभावशाली ढंग से किया। ‘नज़र-ए-मुशायरा’ ने एक बार फिर सिद्ध किया कि साहित्य दिलों को जोड़ने और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का प्रभावी माध्यम है।
नेत्र संस्थान जीईआई में ‘नज़र-ए-मुशायरा’ साहित्य और संवेदना का यादगार संगम
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