मुंबई में इन दिनों वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। महानगर के कई इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुंच गया है, जिससे आम नागरिकों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है।
पर्यावरणविद् डी स्टालिन के अनुसार, मुंबई में बढ़ते प्रदूषण के पीछे कई अहम कारण हैं। उन्होंने बताया कि तेज़ी से बढ़ता ट्रैफिक, निर्माण कार्यों की भरमार और हरियाली में कमी, इन सभी ने मिलकर वायु की गुणवत्ता को खराब कर दिया है। इसके अलावा, समुद्र किनारे बसे इस शहर में हवा की आवाजाही में बाधा आने के कारण भी प्रदूषक तत्व जमा हो जाते हैं।
हाल ही में एक विदेशी यूट्यूबर ने भी मुंबई में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि शहर में उन्हें 15 मिनट तक ट्रैफिक में फंसना पड़ा और भीड़-भाड़ के बीच जबरन सेल्फी लेने की कोशिशों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपने वीडियो में मुंबई की हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली की तर्ज पर अब मुंबई की हवा भी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो चली है। कई इलाकों में AQI 200 से ऊपर दर्ज किया गया, जो सामान्य से कहीं अधिक है। लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय प्रशासन ने हाल ही में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए हैं। सड़कों पर पानी का छिड़काव, कचरा प्रबंधन और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण जैसे उपाय किए जा रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक बड़े स्तर पर हरियाली नहीं बढ़ाई जाती और ट्रैफिक को नियंत्रित नहीं किया जाता, तब तक हालात में सुधार आना मुश्किल है।
मुंबई के नागरिक भी अब जागरूक हो रहे हैं। वे मास्क पहनने और खुले में व्यायाम करने से बचने लगे हैं। स्कूलों में बच्चों को वायु प्रदूषण से बचाव के तरीके सिखाए जा रहे हैं।
सरकार और आम जनता के संयुक्त प्रयास से ही मुंबई की हवा को साफ किया जा सकता है। फिलहाल, विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लोग AQI पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतें।
यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News
