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चौंकाने वाली रिपोर्ट: केरल में मस्तिष्क खाने वाले अमीबा से बढ़ी चिंता, अब तक 18 मौतें दर्ज

admin
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masthishka maranam
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केरल में मस्तिष्क खाने वाले अमीबा संक्रमण का 67वां मामला सामने आया है, जिससे राज्य में स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। इस खतरनाक संक्रमण के चलते अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है, जिससे आम जनता के बीच भय का माहौल है।

मस्तिष्क खाने वाला अमीबा एक दुर्लभ लेकिन अत्यंत घातक जीव है, जो पानी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और सीधे मस्तिष्क को प्रभावित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संक्रमण अक्सर गंदे पानी में तैरने या स्नान करने के बाद होता है। लक्षणों में तेज सिरदर्द, बुखार, उल्टी और मानसिक भ्रम शामिल हैं, जो बहुत तेजी से गंभीर रूप ले लेते हैं।

राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और स्वच्छ पानी का उपयोग करें तथा किसी भी तरह के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सरकार ने अस्पतालों में विशेष निगरानी और उपचार सुविधाएं भी शुरू कर दी हैं।

इस बीच, विज्ञान जगत में मस्तिष्क से जुड़ी एक नई शोध सामने आई है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि मस्तिष्क की विकास प्रक्रिया 25 वर्ष की आयु तक जारी रहती है और उस समय तक यह 'किताब बंद' नहीं करता। यानी, युवाओं में मस्तिष्क की परिपक्वता अपेक्षा से अधिक देर तक बढ़ती रहती है। यह शोध शिक्षा और करियर से जुड़े फैसलों के लिए अहम साबित हो सकती है।

मस्तिष्क से जुड़े मामलों में हाल ही में एक और रोचक खबर आई कि 27 फरवरी को कोई हिंदी फिल्म रिलीज नहीं हुई थी, जिससे अन्य फिल्मों को फायदा मिला। हालांकि यह खबर सीधे मस्तिष्क से जुड़ी नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसके कारण 'मस्तिष्क' शब्द की चर्चा बढ़ी है।

भारत में मस्तिष्क स्वास्थ्य पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। विशेषज्ञों ने कहा है कि नियमित जांच, स्वच्छ जीवनशैली और सतर्कता से ऐसे गंभीर संक्रमणों को रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वे केरल में सभी संभावित जोखिम क्षेत्रों की पहचान कर रहे हैं और स्थानीय लोगों को सतर्क कर रहे हैं।

इस मामले में राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों ने मिलकर निगरानी बढ़ाने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। मस्तिष्क से जुड़े ऐसे संक्रमणों की रोकथाम के लिए देशभर में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

आम जनता को सलाह दी गई है कि वे स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें और किसी भी तरह के लक्षण को नजरअंदाज न करें। समय रहते इलाज से जान बचाई जा सकती है।


यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News

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