प्राइम टुडे न्यूज़ 11 मार्च 2026 ईरान में चल रहे युद्ध के कारण खाद्य तेलों के आयात पर असर पड़ा है, जिससे देश के बाजारों में खाद्य तेलों के दाम तेजी से बढ़ने लगे हैं। थोक बाजार में सरसों के तेल की कीमत में 30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं सोया रिफाइंड भी 30 रुपये और पॉम ऑयल 15 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में माल की कमी के कारण कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।पांडेयगंज और यहियागंज के बड़े किराना व्यापारियों के अनुसार थोक बाजार में पहले 130 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला सरसों तेल अब बढ़कर 160 रुपये हो गया है। इसी तरह 140 रुपये वाला सोया रिफाइंड 170 रुपये और 140 रुपये वाला पॉम ऑयल 155 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह के अनुसार सरसों की नई फसल तैयार हो चुकी है और कई जगहों पर कटाई भी शुरू हो गई है, ऐसे में इस तरह से दाम बढ़ना चिंता का विषय है। फुटकर व्यापारी संतोष गुप्ता का कहना है कि होली तक जो कीमतें स्थिर थीं, अब उनमें तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिससे बाजार में खाद्य तेल की कमी भी बढ़ती जा रही है।व्यापारियों के मुताबिक हाल ही में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में तेल सीज किए जाने से भी बाजार में सप्लाई प्रभावित हुई है। 23 से 26 फरवरी के बीच चलाए गए इस अभियान में केवल लखनऊ में ही करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक का खाद्य तेल सीज किया गया।कारोबारियों का आरोप है कि हजारों टिन तेल गोदामों में सील पड़े हैं और अब तक उनकी जांच रिपोर्ट भी नहीं आई है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत नमूनों की जांच रिपोर्ट 14 दिनों में आ जानी चाहिए, लेकिन 14 दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार नमूने अभी सरकारी लैब में ही पड़े हैं और निजी लैब से जांच कराने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इस मामले में खाद्य विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
ईरान युद्ध के असर से खाद्य तेल महंगा सरसों व रिफाइंड 30 रुपये, पॉम ऑयल 15 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा
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