Skip to content
Wednesday, March 11, 2026 | LIVE TV
LIVE TV
BREAKING
ईरान युद्ध के असर से खाद्य तेल महंगा सरसों व रिफाइंड 30 रुपये, पॉम ऑयल 15 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा न्यूक्लियर इमरजेंसी में काम आने वाली दवा ‘प्रशियन ब्लू’ की खाड़ी देशों में बढ़ी मांग, चंडीगढ़ की कंपनी से 1 करोड़ कैप्सूल की पूछताछ पंजाब विधानसभा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रस्ताव पास, किसानों के हितों की रक्षा की उठी जोरदार मांग तकनीकी खामी से हरियाणा में राशन वितरण ठप, 1.59 करोड़ लाभार्थी मार्च के राशन से वंचित मोहाली के सेक्टर-89 में फायरिंग करने वाले 3 शूटर गिरफ्तार, 5 करोड़ की फिरौती मांगने का मामला मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: प्रभजोत कौर स्कूलों में किचन गार्डन से बच्चों को मिल सकता है प्राकृतिक पोषण: विजय दत्त क्राफेड प्रतिनिधिमंडल ने यूटी प्रशासक से की मुलाकात, हाउसिंग बोर्ड की नीड-बेस्ड चेंजेज पॉलिसी पर उठाए अहम मुद्दे चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी फंड में करोड़ों की सेंध, बैंक FDR जांच में सामने आया बड़ा वित्तीय घोटाला सिविल सर्जन ने अभिभावकों से बेटियों का एचपीवी टीकाकरण करवाने की अपील

ईरान युद्ध के असर से खाद्य तेल महंगा सरसों व रिफाइंड 30 रुपये, पॉम ऑयल 15 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा

vishal kumar
1 min read
Listen to News
Click play to hear this story

प्राइम टुडे न्यूज़ 11 मार्च 2026 ईरान में चल रहे युद्ध के कारण खाद्य तेलों के आयात पर असर पड़ा है, जिससे देश के बाजारों में खाद्य तेलों के दाम तेजी से बढ़ने लगे हैं। थोक बाजार में सरसों के तेल की कीमत में 30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं सोया रिफाइंड भी 30 रुपये और पॉम ऑयल 15 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में माल की कमी के कारण कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।पांडेयगंज और यहियागंज के बड़े किराना व्यापारियों के अनुसार थोक बाजार में पहले 130 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला सरसों तेल अब बढ़कर 160 रुपये हो गया है। इसी तरह 140 रुपये वाला सोया रिफाइंड 170 रुपये और 140 रुपये वाला पॉम ऑयल 155 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह के अनुसार सरसों की नई फसल तैयार हो चुकी है और कई जगहों पर कटाई भी शुरू हो गई है, ऐसे में इस तरह से दाम बढ़ना चिंता का विषय है। फुटकर व्यापारी संतोष गुप्ता का कहना है कि होली तक जो कीमतें स्थिर थीं, अब उनमें तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिससे बाजार में खाद्य तेल की कमी भी बढ़ती जा रही है।व्यापारियों के मुताबिक हाल ही में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में तेल सीज किए जाने से भी बाजार में सप्लाई प्रभावित हुई है। 23 से 26 फरवरी के बीच चलाए गए इस अभियान में केवल लखनऊ में ही करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक का खाद्य तेल सीज किया गया।कारोबारियों का आरोप है कि हजारों टिन तेल गोदामों में सील पड़े हैं और अब तक उनकी जांच रिपोर्ट भी नहीं आई है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत नमूनों की जांच रिपोर्ट 14 दिनों में आ जानी चाहिए, लेकिन 14 दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार नमूने अभी सरकारी लैब में ही पड़े हैं और निजी लैब से जांच कराने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इस मामले में खाद्य विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

Related Stories

Stay Informed. Subscribe Now.

Get breaking news and top stories delivered straight to your inbox. No spam, unsubscribe anytime.