देशभर में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाना है। स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न जिलों में टीकाकरण की व्यापक योजना तैयार की है।
कैथल जिले में भी यह अभियान कल से शुरू किया जा रहा है। प्रशासन ने 12 हजार से अधिक किशोरियों की सूची पहले ही तैयार कर ली है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से टीका लगाया जाएगा। इसी तरह अन्य राज्यों में भी इसी सप्ताह से टीकाकरण अभियान चलाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन 9 से 14 वर्ष की उम्र की किशोरियों के लिए सबसे प्रभावी मानी जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर टीका लगवाने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा 90% तक कम किया जा सकता है। यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इसके साइड इफेक्ट्स बहुत ही मामूली होते हैं।
सरकारी अस्पतालों और स्कूलों में विशेष शिविर लगाकर यह टीका लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों की टीम घर-घर जाकर भी किशोरियों को टीकाकरण के लिए जागरूक कर रही है। माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए टीकाकरण अवश्य करवाने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एचपीवी वैक्सीन मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए किसी भी तरह की फीस नहीं ली जा रही। अभियान के दौरान वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है ताकि कोई भी बच्ची टीकाकरण से वंचित न रहे।
विशेषज्ञों ने बताया कि एचपीवी वायरस से संक्रमित होने पर भविष्य में महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इस वैक्सीन से न केवल बीमारी की रोकथाम होती है, बल्कि समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता भी बढ़ती है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में भारी कमी लाई जा सके। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और किशोरियों को समय पर टीका लगवाएं।
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