चंडीगढ़ 27 फरवरी 2026 ( प्राइम टुडे न्यूज़ ) हरियाणा के सरकारी विभागों के IDFC First Bank में जमा करीब 590 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ा एक्शन लिया है। बैंक अधिकारियों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसीबी ने वीरवार को बैंक मैनेजर रिभव, स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक स्वाति सिंगला, अभिषेक सिंगला और अभय कुमार से साढ़े चार घंटे तक पूछताछ की। आरोपियों के लैपटॉप व अन्य डिजिटल डिवाइस कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।आरोपियों की निशानदेही पर एसीबी की टीमें Mohali, Gurugram, Chandigarh समेत कई स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों का सहयोग नहीं मिल रहा और बयानों में भी विरोधाभास है। रिभव ने भुगतान को बैंक की एसओपी और ओटीपी सत्यापन के तहत बताया, जबकि अन्य आरोपियों के बयान उससे मेल नहीं खा रहे।जांच में सामने आया है कि करीब 300 करोड़ रुपये स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर किए गए। एसीबी को संदेह है कि बिल्डर्स, ज्वेलर्स और प्रॉपर्टी डीलरों के खातों का इस्तेमाल सरकारी धन की हेराफेरी के लिए किया गया। मनी ट्रेल की जांच में पंचकूला से लेकर दिल्ली तक नेटवर्क के तार जुड़े होने की बात सामने आई है।एसीबी ने 23 फरवरी को पंचकूला में भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-2.0 के तहत मिली 50 करोड़ और 25 करोड़ रुपये की राशि सक्षम अनुमति के बिना निजी बैंकों में जमा की गई। खातों को बंद कर अन्य बैंक में ट्रांसफर के निर्देश के बावजूद पूरी रकम वापस नहीं की गई।डीएसपी शुकपाल सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। एसीबी विभागीय कर्मचारियों को नोटिस जारी कर गुप्त रूप से पूछताछ कर रही है। #000011 नंबर के चेक सहित कई डेबिट नोट के इस्तेमाल और रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ की भी जांच जारी है।
590 करोड़ घोटाला हरियाणा के सरकारी धन में धोखाधड़ी, अधिकारियों पर केस; तीन शहरों में एसीबी के छापे
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