पंजाब 9 में 2026 ( प्राइम टुडे न्यूज़) पंजाब खाड़ी देशों में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव का असर अब वहां रह रहे हजारों भारतीयों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों से हवाई यातायात प्रभावित होने के कारण कई उड़ानें अचानक रद्द कर दी गईं, जिससे बड़ी संख्या में यात्री बीच में ही फंस गए। हालांकि अब धीरे-धीरे उड़ान सेवाएं बहाल हो रही हैं, लेकिन यात्रियों के सामने महंगे टिकट की नई समस्या खड़ी हो गई है।ट्रेवल एजेंट अंकुश चड्ढा के अनुसार, उड़ानों के अचानक रद्द होने और फिर सीमित संख्या में शुरू होने से मांग और आपूर्ति का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है। इसका सीधा असर विमान किरायों पर पड़ा है। कई भारत-खाड़ी मार्गों पर एक तरफ का टिकट करीब एक लाख रुपये तक पहुंच गया है, जिससे घर लौटने की कोशिश कर रहे भारतीयों के लिए स्थिति और अधिक कठिन हो गई है।फिलहाल भारतीय एयरलाइंस इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की करीब 58 उड़ानें संचालित हो रही हैं। विदेशी एयरलाइंस ने भी सीमित सेवाएं शुरू कर दी हैं, लेकिन यह संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अभी भी काफी कम है। ऐसे में कई लोग वैकल्पिक रास्ते तलाशने को मजबूर हैं। कुछ परिवार दुबई से भारत लौटने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट्स का सहारा ले रहे हैं, जिनका किराया लाखों रुपये तक पहुंच रहा है।
दुबई से लौटे उद्योगपति और समाजसेवी डॉ. एसपीएस ओबरॉय ने बताया कि उड़ानें शुरू होने के बावजूद स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक विमान टेकऑफ नहीं कर लेता, तब तक यात्रियों के मन में यह संशय बना रहता है कि उड़ान जाएगी या नहीं।इसी बीच दुबई से लौटे नमित शर्मा ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उनकी फ्लाइट को तीन बार अनबोर्ड किया गया। यात्रियों को बार-बार विमान में बैठाने के बाद उतार दिया गया। अंततः चौथी फ्लाइट में बैठने के बाद ही विमान ने टेकऑफ किया और वे भारत लौट सके। सीमित उड़ानों और बढ़ती मांग के कारण प्रवासी भारतीयों के लिए घर वापसी फिलहाल बड़ी चुनौती बनी हुई है।
खाड़ी में तनाव का असर उड़ानें कम, टिकट 1 लाख तक; हजारों भारतीयों की घर वापसी मुश्किल
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